मंजूर पठान, चंबा: चंबा जिला को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकसित करने के लिए प्रयास निरंतर जारी है। केंद्र सरकार की ओर से चंबा जिला को एस्पिरेशनल जिला घोषित किया गया है जिसके बाद से नीति आयोग की ओर से चंबा जिला में शिक्षा के बेहतरीन ढांचे को बेहतर करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि चंबा जिला शिक्षा के क्षेत्र में भी विकसित हो सके।
बता दें कि जिला प्रशासन के सहयोग और सीएसआर के माध्यम से चंबा जिला में 22 पुस्तकालय अलग-अलग उपमंडल में खोले गए है ताकि शिक्षा के साथ-साथ बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कर सकें। इन पुस्तकालयों में 600 से अधिक बच्चों के बैठने की क्षमता है और 8000 से अधिक बुक्स यहां पर रखी गई है ताकि बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार हो सके। जिला प्रशासन के सहयोग से लगातार जिला चंबा को आगे ले जाने के लिए प्रयास किए जा रहे है।
चंबा डीसी दुनी चंद राणा की अगुवाई में, यह प्रयास और भी बेहतरीन किए गए हैं और लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नीति आयोग ने भी जिला प्रशासन की पीठ थपथपाई है। पहले बच्चों को पोस्टल कार्यों का रूप करने के लिए जिला मुख्यालय धर्मेश्वर जाना पड़ता था लेकिन अब यह सुविधा उन्हें उनके संबंधित उपमंडल में दी गई है ।
चंबा के डीसी दुनीचंद राणा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया है कि चंबा जिला को एस्पिरेशनल जिला घोषित किया गया है और नीति आयोग की ओर से यहां पर शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र को विकसित करने के लिए प्रयास किए जा रहे है। इसके लिए लगातार मुहिम भी रंग ला रही है। बता दें कि चंबा जिला में 22 पुस्तकालयों का निर्माण सीएसआर के माध्यम से और जिला प्रशासन के सहयोग से करवाया गया है जिसमें 600 से अधिक बच्चे एक समय में अपनी शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे है। इन पुस्तकालय में 8000 से अधिक अलग-अलग तरह की पुस्तकें रख गई है ताकि बच्चों को पुस्तकालयों का लाभ मिल सके।
