मंडी/परी शर्मा: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी ने सोमवार को 10वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। इसमें 462 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इस साल संस्थान ने 64 पीएचडी डिग्री प्रदान की जो एक शैक्षिक वर्ष में आईआईटी मंडी के लिए अब तक की सर्वाधिक संख्या है। समारोह में पीएच.डी. 59, आईपीएच.डी. 5, एम.एस. शोध द्वारा 29, एम.टेक. में 76, एम.एस.सी. में 95, एम.ए. में 10 और बी.टेक. में 188 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की। इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रो. स्टुअर्ट आर. हैमरॉफ एरिजोना विश्वविद्यालय, यू.एस.ए. मौजूद थे। विशिष्ट अतिथियों में शामिल थे।
डा. अखिलेश गुप्ता सचिव विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) नई दिल्ली, डॉ. किंगशुक बनर्जी निदेशक हिताची इंडिया प्रा. लि. बेंगलुरू और वूचन चांग निदेशक, कोइका इंडिया नई दिल्ली। जबकि दीक्षांत समारोह के अध्यक्ष थे प्रो. प्रेम व्रत चेयरमैन बोर्ड ऑफ गवर्नर्स आई.आई.टी. मंडी। मुख्य अतिथि प्रो. स्टुअर्ट आर. हैमराफ ने आईआईटी मंडी के 10वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि चेतना ब्रह्मांड का मौलिक गुण है। क्वांटम ब्रेन के जीव विज्ञान में जो एक इनवार्ड हायरार्की है वह भारतीय ज्ञान प्रणालियों के अनुरूप है। क्वांटम स्टेट में कमी ब्रेन हायरार्की के विभिन्न स्तरों पर हो सकती है ब्रह्म से आत्मा तक। उन्होंने क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम बायोलॉजी को हमारा भविष्य बताया और विद्यार्थियों को इस पर ध्यान देने की सलाह देते हुए अपना संबोधन समाप्त किया।
