संजु चौधरी,शिमला: शिमला में सदर क्षेत्र के पुलिस कर्मियों के लिए सड़क सुरक्षा को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। एचपी आरआईडीसी की ओर से करवाए जा रहे इस प्रशिक्षण शिविर को विश्व बैंक की ओर से पोषित किया गया हैं। प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन पुलिस कर्मियों को ट्रैफिक मैनेजमेंट और इंफोर्समेंट रेगुलेशंस पर प्रशिक्षण दिया गया। वहीं कल होने वाले इस प्रशिक्षण कैंप के दूसरे दिन सदर रेंज के पुलिस कर्मियों को मामलों में जांच करने के गुर सिखाए जाएंगे।
डीआईजी टीटीआर गुरुदेव शर्मा ने बताया कि 2 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन के लोग पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण देंगे। इस कार्यक्रम में मामले के एक्सपर्ट डॉक्टर बलबुजा भी पुलिसकर्मियों के साथ सड़क सुरक्षा पर अपनी एक्सपर्ट राय साझा करेंगे।
सड़क दुर्घटना+ओं के आंकड़ों को लेकर डीआईजी गुरुदेव शर्मा ने बताया कि सड़क दुर्घ+टना में सबसे बड़ा कारण ओवरस्पीडिंग हैं। उन्होंने बताया की अगर आंकड़ों का आंकलन करें तो 46 फ़ीसदी सड़क दुर्घट+नाओं के मामले ओवरस्पीडिंग की वजह से सामने आते हैं। वहीं उन्होंने बताया कि हिमाचल में होने वाली सड़क दुर्घट+नाओं की दर राष्ट्रीय दर से ज़्यादा हैं हालांकि प्रदेश के लिए खुशी की बात यह है कि साल 2017 के बाद हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घट+नाओं की दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही हैं।
