अनिल कुमार,किन्नौर: किन्नौर जिला में आज फारेस्ट राइट एक्ट 2006 के तहत 72 लोगों ने से 59 लोगों को मिली भूमि मिली है। यह प्रक्रिया डिस्ट्रिक लेबल कमेटी की ओर से स्वीकृत की है। यह जानकारी जिला परिषद सदस्य किन्नौर शांता नेगी ने दी। उन्होंने बताया कि जिला किन्नौर में लंबे समय से एफआरए यानि फॉरेस्ट राइट एक्ट 2006 के तहत ऐसे जनजातीय लोग जो जंगल के अंदर भूमि पर काबिज है या फिर उस भूमि से आय के साधन तैयार कर उस भूमि पर निर्भर है ऐसी भूमि पर वर्ष 2006 में केंद्र सरकार की ओर से क़ानून बनाया गया था।
इस कानून के तहत लोगों को भूमि प्रदान करने की स्वीकृति हेतू संरक्षण दिया गया था। यह प्रक्रिया प्रदेश के अन्य जनजातीय क्षेत्रों मे लागू हो गई थी,लेकिन जिला के अंदर हजारों एफआरए के मामले सरकारी कार्यालयों मे लंबित पड़े हुए थे ,जिन्हें वर्तमान के प्रशासनिक अधिकारी व प्रदेश सरकार की ओर से पूरा किया जा रहा है। जिला में लोगों को अब एफआरए के तहत मिलने वाले भूमि के पट्टे आबंटित करना शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिला में इसी प्रक्रिया के तहत आज डिस्ट्रिक्ट लेबल कमेटी के सदस्यों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर 72 एफआरए के तहत भूमि प्रदान करने के लिए स्वीकृति प्रदान की है। फिलहाल कुछ एक मामलों में कुछ कागजों की कमी के चलते सब डिस्ट्रिक्ट कमेटी को भेजा है जो कागजों की कमी को पूरा करवाकर दोबारा डिस्ट्रिक लेवल कमेटी को भेजेगी और लंबित मामलों को भी स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आज 72 मामलों में से 59 मामले स्वीकृत हुए है और 13 मामलों को कागजों की कमी पूरा करने के बाद स्वीकृति दी जाएगी जिसके बाद वो भी भूमि के पट्टों के मालिक हो जाएंगे।
