Mandi,Dharamveer – प्राकृतिक आपदा के कारण बीते छह दिनों से जंजैहली में फंसे 63 पर्यटकों को रविवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। करसोग से वाया शंकरदेहरा सड़क मार्ग बहाल होते ही प्रशासन ने सबसे पहले पर्यटकों को सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना किया। यह सभी पर्यटक देश के विभिन्न हिस्सों से हिमाचल की खूबसूरत सराज घाटी की सैर पर आए थे।
आपदा के कारण इन सभी को स्थानीय होटलों में शरण लेनी पड़ी थी, लेकिन इस कठिन समय में पुलिस, प्रशासन और खासकर स्थानीय लोगों ने जिस तरह से इनका साथ दिया, उसने इन पर्यटकों को गहरे तक प्रभावित किया।
पर्यटकों ने बताया कि संकट के समय प्रशासनिक टीमों ने न सिर्फ तत्काल संपर्क साधा बल्कि सैटेलाइट फोन के जरिए उनके परिवारों से बात भी करवाई। इस दौरान उन्होंने पहाड़ के कठिन जीवन, स्थानीय लोगों की सेवा भावना और आपसी सहयोग की मिसाल को करीब से देखा।
पर्यटकों का कहना था:हम यहां हिमालय की सुंदरता देखने आए थे, लेकिन यहां के लोगों की इंसानियत और हिम्मत ने हमें एक अलग ही भारत से रूबरू कराया। यह अनुभव हम जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।”
एडीसी मंडी गुरसिमर सिंह ने जानकारी दी कि बगस्याड़ से थुनाग और लंबाथाच तथा करसोग से वाया शंकरदेहरा जंजैहली तक सड़क मार्ग को बहाल कर दिया गया है। इसके माध्यम से ही पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने यह भी बताया कि जंजैहली में राहत सामग्री भेजने का कार्य भी तेजी से चल रहा है, और हेलिकॉप्टर के जरिये भी सहायता पहुंचाई जा रही है।
