Mandi, Dharamveer-मंडी जिला के सुंदरनगर की रहने वाली कृतिका ठाकुर ने एक बार फिर साहस, आस्था और संकल्प का अनूठा परिचय देते हुए दूसरी बार कांवड़ यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की है। इस बार उन्होंने भागीरथी नदी के उद्गम स्थल गोमुख से सुंदरनगर तक 750 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा अपने पिता राजेंद्र कुमार और परिजनों के साथ तय की।
पिछले वर्ष कृतिका ने हरिद्वार से सुंदरनगर तक अपनी पहली कांवड़ यात्रा पूरी की थी, और इस वर्ष यह दूरी और कठिनाई दोनों ही और अधिक थीं। लगातार दूसरी बार इस कठिन धार्मिक यात्रा को पूर्ण करने के साथ ही कृतिका हिमाचल प्रदेश की पहली महिला बन गई हैं, जिन्होंने दो बार यह यात्रा पूरी की है।
कृतिका ठाकुर सुंदरनगर के एमएलएसएम कॉलेज में बीपीएड की छात्रा हैं और बॉक्सिंग की राज्य स्तरीय खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने तीन बार राज्य स्तर पर रजत पदक हासिल किए हैं। उनकी इस धार्मिक यात्रा ने समाज को एक सशक्त संदेश दिया है कि धार्मिक आस्था और कठिन परिश्रम में महिला-पुरुष के बीच कोई अंतर नहीं है।
कृतिका बताती हैं कि उनके पिता पिछले 11 वर्षों से कांवड़ यात्रा कर रहे हैं और उन्हीं से प्रेरणा लेकर उन्होंने भी यह मार्ग चुना। कृतिका कहती हैं, “भगवान शिव की कृपा से इस बार भी यात्रा सफल रही। आगे भी जब तक संभव होगा, बाबा भोलेनाथ की सेवा में यह यात्रा करती रहूंगी।”कृतिका की यह पहल लैंगिक समानता और धार्मिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देती है और उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी जो धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने की इच्छुक हैं।
