मंडी: हिमाचल की धरती देवों की धरती है। कलयुग में भी यहां देवी-देवताओं का वास है। यहां कण-कण में देव आस्था की खुशबू महकती है। लोगों के हाथ देवता के आगे दुआ करते हैं और सिर सजदे में झुक जाता है। ऐसा ही एक देवता का मंदिर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित है। जहां जालपा माता मंदिर में सायर का पर्व हर्षोल्लास और आस्था भाव के साथ मनाया गया। मंडी, सराज, बल्ह, सुंदरनगर, धर्मपुर, करसोग में सायर का पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने हर फसल को धान रूपी सायर के साथ रखा जिसमें अखरोट, सेब, अमरूद, मक्की आदि थे। जिनकी बाद में पूजा की गई।
श्रद्धालुओं पर हुई अखरोटों की बारिश
गोहर के जालपा माता मंदिर में श्रद्धालुओं पर अखरोटों की बारिश हुई। गूर मुरारी लाल ने देवी जालपा के दर्शनों के लिए मंदिर सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। घाटी के धार्मिक स्थल जालपा माता मंदिर सरोआ में श्रद्धालु अखरोट, स्थानीय खीरा और मक्की लेकर पहुंचे।

शनिवार को घाटी के अन्य मंदिरों के कपाट खुले जहां लोगों ने अपने इष्ट देवताओं की पूजा की और मक्की, खीरा और अखरोट चढ़ाए। देसी घी में चावल मिलाकर देवी-देवताओं का शृंगार कर उनको कल्या (पूजा ) लगाई गई। बड़ा देव कमरुनाग, देव बाला कामेश्वर, शिल्हि लटोगली, माता मधोगन्न शिव शक्ति गौरा, संतोषी माता, लंबोदरी माता समेत घाटी के अन्य मंदिरों के कपाट खुलने से माहौल भक्तिमय हो गया।

