अरविंदर सिंह, हमीरपुर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान और उनके लिए बनाए गए स्मारक स्थलों को लेकर प्रशासन और हमीरपुर की नगर परिषद कितनी सजग और जिम्मेवार है इसका अंदाज आप इस खबर और खबर के साथ लगी तस्वीरों से ही खुद ही सकते हैं। हमीरपुर के गांधी चौक पर महात्मा गांधी का जो मंच बनाया गया है उसकी ऊपरी मंजिल पर जहां पर उनकी प्रतिमा लगाई गई है उस तक पहुंचने के लिए लगाई गई सीढ़ियों के लोहे के स्टेप्स ही गायब हो गए है, लेकिन प्रशासन और नगर परिषद इसकी मरम्मत करके इसे ठीक करवाने की बजाय आंखें मूंदकर बैठी हुई है।
वहीं आज से 10 दिन बाद 2 अक्टूबर को गांधी जयंती है। जयंती दिवस पर कार्यक्रम तो आयोजित कर दिया जाएगा लेकिन प्रशासन और नगर परिषद यह नहीं सोच पा रही है कि कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी को पुष्पाजंलि देने के लिए लोग इन टूटी हुई सीढ़ियों से कैसे प्रतिमा तक पहुंच पाएंगे। हैरानी की बात यह भी है कि हमीरपुर का गांधी चौक हर उस ऐतिहासिक चीज का गवाह रहा है फिर चाहे वह राजनीति से जुड़ी हो या फिर सामाजिक कार्यक्रमों से। आए दिन कोई न कोई बड़ा राजनेता इस मंच से भाषण देता है लेकिन कोई भी इस मंच की बदतर हालत को सुधारने के लिए ना तो कोई घोषणा करता है और ना ही इसकी मरम्मत को लेकर कभी कोई बात की गई है। वहीं नगर परिषद बजट का रोना रो कर अपना पल्ला झाड़ती है। नगर परिषद अध्यक्ष मनोज कुमार मिन्हास का कहना है कि सीढ़ियों के टूटने की जानकारी उन्हें नहीं है ।उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी शहर में कई जगहों पर सीवरेज के चेंबर के ऊपर लगाए गए लोहे के हेड भी गायब हो चुके हैं जिनका आज तक पता नहीं चला। उन्होंने कहा कि उक्त विषय में प्राप्त जानकारी के बाद इसे जल्द ही ठीक करवाने के लिए कवायद की जाएगी।
बता दें कि हमीरपुर शहर को गांधी चौक के नाम से भी ज्यादा जाना जाता है । अब करीब 10 दिन बाद महात्मा गांधी की जयंती है पर हर पार्टी का नेता हो या फिर बड़े सरकारी अधिकारी पुष्पांजलि देने के लिए इस मंच पर आएंगे। अब कौन इसकी बदतर हालत को सुधारने और टूटी सीढ़ियों को ठीक करने के लिए बात करता है यह देखना होगा।
सीढ़ियों के लोहे के स्टेप्स गायब
हमीरपुर का गांधी चौक शहर का दिल कहलाता है और यह वीआईपी चौक हमेशा से ही लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा है। चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा लगाकर जो मंच बनाया गया है उसके रखरखाव का सारा जिम्मा नगर परिषद के हवाले है।
