राकेश, ऊना: प्रदेश में एनपीएस संघ ओल्ड पेंशन बहाली की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। संघ का क्रमिक अनशन लगातार जारी है ऐसे में ओ पी एस की मांग को लेकर आज पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल की ओर से जो बयान आया है उसे सुनकर लग रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भी कर्मचारियों के समर्थन में है और उन्हें लग रहा है कि कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन का लाभ मिल जाना चाहिए। आज ऊना में एक कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल से जब ओ पी एस की बहाली को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने प्रदेश के कर्मचारियों की ओर से ओ पी एस की मांग पर अपरोक्ष रूप से अपना समर्थन दिया । उन्होंने राज्य और केंद्र की सरकारों के लिए काम करने में अपने जीवन को व्यतीत करने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक पेंशन मिलने की बात कहीं और एक प्रकार से ओ पी एस पर अपना समर्थन व्यक्त किया, हालांकि उन्होंने कांग्रेस की ओर से ओपीएस लागू किए जाने के वादे की संभावनाओं के ना होने के बावजूद कुछ भी कहे जाने वाली बात बताया।
ऊना में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीढ़ की हड्डी बताया और इन्हीं कार्यकर्ताओं के बल पर ही किसी भी पार्टी के सरकार के गठन का रास्ता तैयार होने की बात कही । उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं में जोश भरने का प्रयास किया । पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए पार्टी की ओर से पहले भी रिवाज बदलने और अब एक बार फिर से रिवाज बदलकर मिशन रिपीट किए जाने का दावा किया ।
इस दौरान प्रेम कुमार धूमल ने हिमाचल प्रदेश में आम आदमी पार्टी की ओर से तीसरे विकल्प के तौर पर दस्तक दिए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश में आम आदमी पार्टी या किसी भी तीसरे विकल्प की संभावना को सिरे से खारिज किया । उन्होंने आम आदमी पार्टी कि पंजाब और दिल्ली में चल रही सरकारों में भ्रष्टाचार के चरम पर होने का दावा किया और आम आदमी पार्टी को खोखली पार्टी बताया ।
प्रेम कुमार धूमल ने हाटी समुदाय को जनजाति का दर्जा मिलने पर केंद्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया और इस संदर्भ में पूर्व में उनकी सरकार की ओर से विधानसभा से प्रस्ताव भेजे जाने की भी बात कही ।
