अनिल कुमार,किन्नौर: किन्नौर जिला में हुई बर्फबारी के बाद अब जिला का तापमान बहुत नीचे गिर चुका है। तापमान माइनस में पहुंचने के चलते मौसम बेहद ठंडा हो चुका है। जैसे-जैसे तापमान घटता जा रहा है, वैसे- वैसे किन्नौर जिला में लोगों के समक्ष पीने के पानी की समस्या भी पैदा होने लगी हैं। किन्नौर में सुबह शाम का तापमान भी शरीर को जमा देने वाला है, ऐसे मे अब लोग सुबह शाम घरों में दुबकने पर मजबूर हो रहे है।
किन्नौर के ऊंचाई वाले ग्रामीण क्षेत्र छितकुल, रकछम, कुनो चारंग, लिप्पा आसरंग में बर्फबारी के चलते पीने के सभी जलस्त्रोत जम रहे है। वहीं जिला के नदी नाले भी माइनस तापमान की वजह से जम रहे है। किन्नौर कैलाश के रेंज की सभी पहाड़ियां बर्फ से ढकने के साथ अब जिला में पतझड़ भी अपने अंतिम चरण पर है। वहीं जिला के ऊंचे ग्रामीण क्षेत्रों में भी सेब का सीजन अंतिम कगार पर है।
किन्नौर जिला की पहाड़ियां जहां बर्फ की सफेद चादर से ढकी हुई बहुत खूबसूरत लग रही है। उतना ही यहां के लोगों को सर्दियों में परेशानियां भी झेलनी पड़ती है। सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के साथ पीने के पानी भी जम जाता है। वहीं बिजली भी गुल होने के कारण लोगों को कई राते अंधेरे में भी गुजरनी पड़ती है। वहीं जिला में सर्दियां शुरू होते ही प्रशासन भी सर्दियों की समस्याओं से निपटने के लिए योजना व तैयारियां शुरू कर रहा है, ताकि सर्दियों की आपदाओं से निपटा जा सके।
