विकास शर्मा, चिंतपूर्णी: हिमाचल प्रदेश के गुना जिला में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ती हैं। मंदिर में विशेष दिनों पर उमड़ने वाली इस भीड़ को किस तरह से नियंत्रित किया जाए इसके लिए मंदिर में तैनात कर्मचारियों,वॉलंटियर्स ओर होमगार्ड जवानों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके लिए मंदिर में बाबा श्री माईदास सदन में जिला आपदा प्रबंधन व राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान दिल्ली और चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट की ओर से तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था जिसका समापन गुरुवार को हुआ।
तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन डीसी ऊना की ओर से किया गया। इस तीन दिन चलने वाली कार्यशाला के समापन पर डीसी ऊना राघव शर्मा ने ट्रेंनिग लेने वाले सभी स्वयंसेवियों व होंमगार्ड और मंदिर ट्रस्ट में सेवाएं दे रहे कर्मियों को सर्टिफिकेट भी बांटे गए। 27 दिसंबर से 29 दिसंबर तक चलने वाली इस कार्यशाला में स्वंयसेवियों को भीड़ को नियंत्रित करने को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में चिंतपूर्णी मंदिर में कार्यरत कर्मचारी,वॉलंटियर्स,होंमगार्ड जवानों ने हिस्सा लिया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मंदिर दर्शन के दौरान बढ़ती भीड़ को किस तरह से नियंत्रित करना है उसको लेकर प्रशिक्षण देना रहा। कार्यक्रम के समापन पर आए डीसी ऊना राघव शर्मा ने बताया की भीड़ को नियंत्रित करने को लेकर इस कार्यशाला में प्रशिक्षण दिया गया हैं। उन्होंने कहा की मंदिरों में भीड़ को नियंत्रित करना एक बहुत बड़ा विषय रहा हैं। कई बार भीड़ अनियंत्रित होने के कारण बड़े हादसे हो जाते हैं। इसी के चलते इस तीन दिन के शिविर में वॉलंटियर्स को विशेष ट्रेंनिग दी गई ताकि इनकी सेवाएं मेलों में व अन्य दिनों में ली जा सकें।
