संजु चौधरी, शिमला: नाबार्ड व बैंकों की ओर से लोन देने की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने को लेकर मंथन बुधवार को शिमला में नाबार्ड की ओर से आयोजित वर्ष 2023- 24 के लिए स्टेट क्रेडिट सेमिनार में की गई। इस सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने भाग लिया। सेमिनार में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण व कृषि क्षेत्र को प्रमुखता दी गई। सेमिनार में प्रदेश मे जिला स्तर पर बैंकों के सीडी रेशों को सुधारने पर भी बल दिया हैं।
नाबार्ड के महाप्रबंधक विवेक पठानिया ने बताया कि प्रदेश की 8 जिलों में क्रेडिट डिपॉजिट रेशों 40 फ़ीसदी से कम हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर सीडी रेशों का पैमाना 60 प्रतिशत तय किया गया हैं। इसलिए आने वाले समय में इसको बढ़ाने के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे। लोन टर्म को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। नाबार्ड की ओर से महिला सशक्तिकरण , ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि पर विशेष रुप से फोकस किया गया हैं। वहीं स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध करने के लिए नाबार्ड विभिन्न तरीकों से मंच प्रदान कर रहा हैं।
