संजीव महाजन,नूरपुर: सरकार की ओर से समाज के गरीब तबके के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई गई है, जो कि उनके लिए मददगार साबित हो सके, लेकिन इन्हें सरकारी योजनाओं की हकीकत कुछ और ही हैं। धरातल पर सही मायने में जिन लोगों को इन योजनाओं की आवश्यकता है उन तक में योजनाएं पहुंच ही नहीं रही है ना ही उन्हें इन योजनाओं का लाभ मिल पा रहा हैं। इसी तरह के हालात नूरपुर विधानसभा की पंचायत सुखार के गांव सरनूह की 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला बिल्लों देवी पत्नी स्वर्गीय केसर सिंह की भी हैं।
बिल्लों देवी के परिवार में वह खुद ओर उनका एक बेटा हैं। बेटा भी बीमार है और पहले ही उसके दो ऑपरेशन हो चुके हैं जिसके चलते अब वह भी दिखाने का काम करने नहीं जा पा रहा हैं। बिल्लो देवी की उम्र खुद इतनी अधिक है कि वह भी किसी तरह का कोई काम करने में असमर्थ हैं। ऐसे ने उनके लिए अपने परिवार का गुजर-बसर करना भी मुश्किल हो रहा है। जिस घर में रहते हैं उसके हालात खस्ता बने हुए हैं और यह घर कभी भी गिर सकता है बावजूद इसके भी हालात यहां है कि इन्हें ना तोबसरकार की प्रधानमत्री आवास योजना का लाभ मिला है और ना ही गृहणी गैस सिलेंडर योजना का लाभ भी इन्हें नहीं मिल पाया हैं।
बिल्लो देवी ने सरकार व प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें घर बनाने में मदद की जाए। उनका कहना हैं कि मुझे पिछले पांच सालों से पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से आश्वासन दिया जा रहा है पर कोई काम नहीं हुआ हैं, हालांकि पिछले कई सालों से सरकार की ओर से गरीब परिवारों के लिए की स्कीमें वह योजनाएं चलाई गई है पर यह गरीब परिवार सरकार की कई स्कीमों व योजनाओं से वंचित हैं।
बुजुर्ग बिल्लो देवी ने कहा कि मेरा मकान कच्चा है और गिरने वाला हैं। मेरी उम्र लगभग 80 साल की हैं, मेरा एक बेटा हैं, वह दिहाड़ी मजदूरी करता है और बिमार रहता हैं। मुझे कई सरकारी सुविधाओं से वंचित रखा गया हैं। मेरा कोई सहारा नहीं है मैंने कई बार पंचायत में गुहार लगाई है पर किसी ने नहीं सुना। लोगों के मकान बना दिए गए हैं पर मेरा मकान अभी तक नहीं बनाया गया हैं। ना मुझे गैस सिलेंडर दिया गया ,ना ही मेरे घर शौचालय हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों की कोई सुनवाई नहीं कर रहा है मेरी सरकार से गुजारिश है कि सरकार मुझे योजनाओं का लाभ दें।
बिल्लू देवी की बेटे संतोष कुमार ने कहा कि सरकार की किसी भी योजना का लाभ हम तक नहीं पहुंच पाया हैं। उन्होंने कहा कि मैं बीमार रहता हूं और मजदूरी भी नहीं कर रहा हूं ऐसे में घर का गुजर-बसर करना उनके लिए मुश्किल हो रहा हैं। उन्होंने कहा कि मकान बनाने को लेकर उन्हें बीते 5 साल से आश्वासन दिए जा रहे हैं लेकिन अभी तक मकान को लेकर कोई भी काम नहीं हुआ हैं। उनका घर इस हालात में है कि यह कभी भी गिर सकता हैं ऐसे में वह अपनी 80 वर्षीय माता के साथ कहां जाएंगे उन्हें इसकी भी चिंता सता रही हैं।
वहीं जब इस मामले में पंचायत प्रधान व उपप्रधान से संपर्क करने की कोशिश की तो किन्हीं कारणों से वह मिल नहीं सके। वहीं पंचायत सैक्रेटरी अश्वनी कुमार ने माना कि यह परिवार एक गरीब परिवार है और इनके मकान को लेकर इनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में डाला गया हैं, जैसे ही प्रधानमंत्री आवास योजना से नए मकान बनाने की मंजूरी मिलेगी तो इनका मकान बना दिया जाएगा । इसके अलावा गृहणी गैस सिलेंडर सुविधा में इनका फार्म किन्हीं कारणों से रद्द हो गया था भविष्य में जब भी यह योजना आएगी तो इन्हें यह सुविधा भी दी जाएगी ।
