कुल्लू:मनमिंदर अरोड़ा (TSN)-साहसिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध कुल्लू घाटी में पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले ही अब राफ्टों व पैराग्लाइडरों की जांच होगी। जिला कुल्लू में साहसिक गतिविधियों से होने से वाले हाद*सों को रोकने के लिए तकनीकी कमेटी 1100 राफ्टों व ग्लाइडरों की बारीकी से जांच करने जा रही है। इसके लिए जिला कुल्लू पर्यटन विभाग ने मनाली स्थित पर्वतारोहण संस्थान के निदेशक को पत्र लिखा है।
सैलानियों की सुरक्षा को लेकर उठाए जाएंगे कदम
जिला कुल्लू पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने के लिए साहसिक पर्यटन की अहम भूमिका और इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10,000 लोगों को रोजगार मिलता है।पर्यटन सीजन में ब्यास नदी की धारा में करीब 500 राफ्टें रिवर राफ्टिंग के लिए उतारी जाती हैं।जबकि लगभग 600 ग्लाइडरों से पैराग्लाइडिंग होती है। ऐसे में अब तकनीकी सात सदस्य की टीम राफ्ट व और ग्लाइडरों में इस्तेमाल होने वाले जरूरी सामान को जांचेगी। वहीं,पायलट व गाइडों के लाइसेंस को भी चेक किया जाएगा।गौर रहे कि जिला कुल्लू में ब्यास नदी की धारा में रिवर राफ्टिंग करवाई जाती है और कई जगहों पर पैराग्लाइडिंग करवाई जाती है। कई बार यहां पर साहसिक गतिविधियों के दौरान हा*दसे भी पेश आते है और इसमें सैलानियों की जान भी चली जाती है। ऐसे में पर्यटन विभाग के द्वारा हर साल राफ्ट और पैराग्लाइडिंग उपकरण की जांच की जाती है ताकि उपकरणों में कमी पाए जाने पर उसे दुरुस्त किया जा सके और सैलानियों को भी दिक्कत का सामना ना करना पड़े।
जिला पर्यटन अधिकारी सुनयना शर्मा ने कहा कि पर्यटन सीजन से पहले सभी राफ्ट व ग्लाइडरों व उनके पायलट व गाइडों के जरूरी सामान व दस्तावेजों की चेकिंग की जाएगी। साहसिक गतिविधियों की जांच के लिए सरकार ने तकनीकी कमेटी का गठन किया है।जिसमें जिला पर्यटन अधिकारी सहित एसडीएम, डीएसपी, सीएमओ, पर्वतारोहण संस्थान के निदेशक के साथ दो गैर सरकारी सदस्य होते हैं। सभी उपकरणों की जांच के बाद ही उन्हें साहसिक गतिविधि आयोजित करने की अनुमति दी जाएगी।
