Bilaspur, Subhash-:झंडूता विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मलागण के ग्रामीणों ने श्मशान घाट की भूमि से जुड़े विवाद और इसके कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं को लेकर मंगलवार को अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ओम कांत ठाकुर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट की जमीन को रोके जाने से अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता और असुविधा का वातावरण बना हुआ है।
ग्रामीण प्रतिनिधियों ने बताया कि लंबे समय से श्मशान घाट की जमीन को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है और कुछ लोगों द्वारा भूमि पर रोकने जैसी परिस्थितियों ने पूरे गांव में तनाव पैदा कर दिया है। ऐसे में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में बाधा आने का खतरा बढ़ गया है, जो किसी भी समुदाय के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द भूमि का सीमांकन (डिमार्केशन) करवाकर इस विवाद को सुलझाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की रुकावट या विवाद न उत्पन्न हो।
अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि प्रशासन इस मामले की जांच करवाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि श्मशान घाट जैसी सार्वजनिक उपयोग की भूमि से जुड़े मामलों में देरी किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है, इसलिए इसके समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी।
पंचायत प्रधान बलोह की संगीता देवी और पंचायत प्रधान मलागण ज्ञान चंद ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि श्मशान घाट की भूमि पर विवाद के चलते ग्रामीणों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि मामले की गंभीरता को समझते हुए आवश्यक प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए, ताकि ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
ग्रामीणों ने बताया कि समुदाय की एकता और सामाजिक व्यवस्था का सम्मान बनाए रखने के लिए इस समस्या का शीघ्र समाधान अत्यंत आवश्यक है। प्रशासनिक हस्तक्षेप से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही श्मशान घाट भूमि से संबंधित सभी जटिलताएं दूर हो जाएंगी और ग्रामीण बिना बाधा के अंतिम संस्कार जैसे धार्मिक कार्य कर सकेंगे।
