Una, Rakesh-:पूर्व जयराम सरकार में मंत्री रहे और भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र कंवर ने बंगाणा में मीडिया से बातचीत के दौरान कुटलैहड़ क्षेत्र की लगातार हो रही उपेक्षा पर कड़ा रोष जताया। कंवर ने कहा कि उनके कार्यकाल में बंगाणा सहित पूरे कुटलैहड़ क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य करवाए गए, लेकिन सत्ता बदलते ही कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना के चलते अधिकांश परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
उन्होंने बताया कि बंगाणा में सीवरेज प्रणाली का निर्माण, बंगाणा स्कूल में साइंस भवन, स्थानीय अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा, अटल कॉलेज में इंडोर स्टेडियम, ईको पार्क, बस स्टैंड निर्माण और जायका भवन जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं उनके समय में शुरू हुई थीं। मगर सुक्खू सरकार के आने के बाद या तो इन योजनाओं को रोक दिया गया या बेहद धीमी गति से चलाया जा रहा है।
कंवर ने आरोप लगाया कि वर्तमान स्थिति चिंताजनक है—सिविल अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी, साइंस भवन अधूरा, सीवरेज परियोजना लटकी हुई और अटल कॉलेज में छात्रों की संख्या 1200 से घटकर 400 रह गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का वादा किया था, लेकिन लोगों को अब पता चल रहा है कि यह परिवर्तन केवल कागज़ों तक सीमित रहा।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कुटलैहड़ क्षेत्र की अनदेखी जारी रही, तो भाजपा जनता के साथ मिलकर बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगी। कंवर ने कहा कि कुटलैहड़ को पिछड़ा बताने के बजाय सरकार को अपनी नीतियों की विफलता पर विचार करना चाहिए।पूर्व मंत्री ने सुक्खू सरकार के तीन साल के कार्यकाल को पूरी तरह असफल करार देते हुए कहा कि अब जनता और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगी।
