चिंतपूर्णी /विकास -: मानवता और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए एक मासूम पिल्ले को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर उसकी जान बचाने का सफल प्रयास किया गया। इस सराहनीय कार्य में मंदिर न्यास चिंतपूर्णी, स्थानीय पशु चिकित्सकों और क्षेत्र के युवाओं ने मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार, चिंतपूर्णी के समीप ग्राम पंचायत मोईन में एक निजी बस की चपेट में आने से एक पिल्ला गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में उसका निचला जबड़ा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि एक टांग भी टूट गई। घायल अवस्था में तड़प रहे बेज़ुबान की सूचना मिलते ही स्थानीय निवासी वरुण समनोल तुरंत मौके पर पहुँचे और बिना समय गंवाए सहायता की पहल की।वरुण ने स्थानीय पशु चिकित्सालय के डॉक्टर हर्ष से संपर्क किया। सूचना मिलते ही डॉक्टर हर्ष मौके पर पहुँचे और घायल पिल्ले को प्राथमिक उपचार प्रदान किया। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर है और उसे उन्नत चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है।
इसके बाद वरुण समनोल ने मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर से संपर्क कर एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मंदिर न्यास चिंतपूर्णी ने तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था की। उल्लेखनीय है कि एम्बुलेंस चालक दीपक चंदेल उस समय ड्यूटी पर नहीं थे, लेकिन घटना की जानकारी मिलते ही वे तुरंत सेवा के लिए पहुँच गए और घायल पिल्ले को सुरक्षित ऊना स्थित ‘माधव सेवा कुंज’ पहुँचाया गया।फिलहाल पिल्ले का उपचार विशेषज्ञों की देखरेख में जारी है। स्थानीय लोगों ने मंदिर न्यास, डॉक्टरों, एम्बुलेंस चालक और वरुण समनोल सहित सभी सहयोगियों की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में मानवता और जीव दया की भावना को मजबूत करते हैं।
