Hamirpur, Arvind-:हमीरपुर जिला में जिला कल्याण समिति की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन हमीर भवन में किया गया। बैठक की अध्यक्षता भोरंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश कुमार ने की। इस बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि तथा समिति के नॉन-ऑफिशियल सदस्य मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देना रहा।
बैठक के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इन योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, वृद्धजन, दिव्यांगजन और अन्य कमजोर वर्गों को दी जा रही सुविधाओं की स्थिति पर फीडबैक लिया गया। विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि यह विभाग समाज के सबसे जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करता है, इसलिए इसकी योजनाओं की जानकारी हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना बेहद जरूरी है।विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और इसकी जानकारी पंचायत स्तर तक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लोग योजनाओं से वंचित रह जाते हैं, जिसे रोकने के लिए प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को आवेदन और लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।बैठक में वित्तीय स्थिति की भी समीक्षा की गई। विधायक सुरेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2024-25 के लिए जिला को प्राप्त बजट और उसके उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिला को जो बजट आवंटित किया गया था, उसे सभी निर्धारित योजनाओं के अंतर्गत पूरी तरह खर्च कर लिया गया है। यह दर्शाता है कि योजनाओं का सही दिशा में क्रियान्वयन हुआ है और प्रशासन ने जिम्मेदारी के साथ कार्य किया है।
बैठक के दौरान विधायक सुरेश कुमार ने प्रशासनिक नेतृत्व और व्यवस्था को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में सुधार के लिए नेतृत्व की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि मंत्री और शीर्ष नेतृत्व अपने विभाग पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करते हैं, तो अधिकारी भी बेहतर ढंग से कार्य करते हैं। मंत्री का मुख्य दायित्व अधिकारियों को स्पष्ट दिशा देना और उन पर नियंत्रण बनाए रखना होता है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि कहीं व्यवस्था में कमी दिखाई देती है, तो नेतृत्व को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। स्पष्ट दिशा और मजबूत नेतृत्व के बिना व्यवस्था को बेहतर नहीं बनाया जा सकता। बैठक में इन सभी मुद्दों पर गंभीर और सार्थक चर्चा की गई।
