Dharamshala, Rahul-:हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर अनुसूचित जाति आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। कांगड़ा जिला में आयोजित एक अहम समीक्षा बैठक में आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले की उन सभी अनुसूचित जाति बस्तियों की विस्तृत सूची तैयार की जाए, जहां अब तक सड़क संपर्क की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
धर्मशाला में हुई इस बैठक में अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य में 100 प्रतिशत सड़क कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी वर्ग या क्षेत्र को विकास से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति बहुल इलाकों को प्राथमिकता के आधार पर विकास योजनाओं से जोड़ा जाए।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना, कन्यादान योजना और महर्षि वाल्मीकि आवास योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि भूमि संबंधी अड़चनें अक्सर पात्र परिवारों के लिए बड़ी बाधा बनती हैं, इसलिए प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि तकनीकी या कानूनी कारणों से कोई भी योग्य परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।इसके साथ ही एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों पर भी चर्चा की गई। अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच हो और पीड़ितों को समय पर न्याय व राहत मिले। आयोग ने जिला प्रशासन को योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और गांव-स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित करने पर भी बल दिया।
