शिमला, संजू-:शिमला में हिमाचल प्रदेश पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट की बैठक में पेंशनरों की लंबित देनदारियों को लेकर सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग उठाई गई। बैठक में कहा गया कि प्रदेश के करीब 40 हजार पेंशनर 1 जनवरी 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं, लेकिन उन्हें अभी तक वित्तीय लाभ नहीं मिल पाए हैं। पेंशनरों ने एरियर, डीए और मेडिकल बिलों के भुगतान को लेकर चिंता जताई और सरकार से आगामी बजट में इसके लिए पर्याप्त बजट प्रावधान करने की मांग की।
पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट ने बनाई आंदोलन की रणनीति
पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने बताया कि पेंशनर लगातार सरकार के साथ समन्वय बनाकर अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाते रहे हैं, लेकिन कुछ अधिकारी सरकार के आदेशों को लागू करने में देरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की देनदारियों को लेकर सरकार ने घोषणा की है, लेकिन कुछ अधिकारी इसमें बाधा डाल रहे हैं।उन्होंने कहा कि पेंशनरों के एरियर, डीए और मेडिकल बिलों का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिसे लेकर सरकार के समक्ष फिर से मुद्दा उठाया जाएगा। आत्मा राम शर्मा ने मांग की कि आगामी बजट में पेंशनरों की देनदारियों के भुगतान के लिए विशेष प्रावधान किया जाए, ताकि वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो पेंशनर आंदोलन की रणनीति अपनाने को मजबूर होंगे।
