धर्मशाला,राहुल-: मैक्लोडगंज के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल त्रियूंड जाने के लिए पर्यटकों से शुल्क तो लिया जा रहा है, लेकिन वहां मूलभूत सुविधाओं की कमी अब भी बरकरार है। यह बात भाजपा पर्यटन प्रकोष्ठ के स्टेट कोऑर्डिनेटर चमन कपूर ने शुक्रवार को धर्मशाला में आयोजित पर्यटन प्रकोष्ठ की परिचय बैठक के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि जब पर्यटकों से शुल्क लिया जा रहा है तो बदले में उन्हें उचित सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक प्रदेश के पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित हों।
चमन कपूर ने बताया कि बैठक के दौरान प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों और होटल व्यवसायियों ने कांगड़ा-चंबा क्षेत्र में पर्यटन विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती है तो इन सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। उनका कहना था कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए बुनियादी व्यवस्थाओं को मजबूत करना जरूरी है।उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्यमी अपने स्तर पर पर्यटन को बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इन समस्याओं का समाधान किए बिना पर्यटन को आगे बढ़ाना मुश्किल है। सरकार को चाहिए कि वह इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करे।
कपूर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से बागवानी और पर्यटन पर आधारित है। वर्तमान में प्रदेश में पर्यटन से लगभग 14 हजार करोड़ रुपये की आय हो रही है, जो राज्य की जीडीपी का करीब 8 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस आय को दो से ढाई गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए, ताकि पर्यटन से प्रदेश को सालाना करीब 40 हजार करोड़ रुपये की आमदनी हो सके।
उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़े और पर्यटन कारोबार को नई गति मिल सके।
