कुल्लू, मनमिंदर अरोड़ा-:कुल्लू जिले के मनाली उपमंडल की ग्राम पंचायत रायसन विहाल के ग्रामीणों ने ब्यास नदी के किनारे अधूरा पड़े सुरक्षा कार्य को लेकर प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल कुल्लू फल उत्पादक मंडल के अध्यक्ष प्रेम शर्मा की अध्यक्षता में उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा से मिला और समस्या के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2023 और 2025 में आई प्राकृतिक आपदाओं के दौरान ब्यास नदी में आई बाढ़ के कारण गांव के कई घरों और कृषि भूमि को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। बाढ़ के दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से खेतों की भूमि कटाव का शिकार हुई और कई स्थानों पर मकानों को भी क्षति पहुंची। इसके बाद प्रशासन की ओर से ब्यास नदी के किनारे प्रोटेक्शन वर्क शुरू किया गया, लेकिन अभी भी करीब 200 मीटर क्षेत्र में सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस हिस्से में जल्द आरसीसी प्रोटेक्शन वॉल नहीं बनाई गई तो आगामी बरसात के दौरान गांव को फिर से बाढ़ का खतरा झेलना पड़ सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मांग की कि बरसात से पहले इस 200 मीटर क्षेत्र में मजबूत आरसीसी सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए, ताकि गांव के लोगों की जान-माल और कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कुल्लू फल उत्पादक मंडल के अध्यक्ष प्रेम शर्मा ने कहा कि 2023 और 2025 की आपदाओं में रायसन विहाल क्षेत्र के लोगों को काफी नुकसान हुआ था। कई किसानों की उपजाऊ भूमि बाढ़ में बह गई और कई घरों को भी क्षति पहुंची। उन्होंने बताया कि वर्तमान में नदी के किनारे प्रोटेक्शन वॉल का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन 200 मीटर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अभी भी अधूरा है। अगर इस हिस्से को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आने वाली बरसात में ब्यास नदी में बाढ़ के कारण करीब 500 बीघा भूमि और सैकड़ों मकानों पर खतरा मंडरा सकता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
स्थानीय निवासी गंगा सिंह ने बताया कि पिछले वर्षों में आई बाढ़ के कारण रायसन विहाल में लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। उन्होंने कहा कि प्रोटेक्शन वर्क शुरू होने से ग्रामीणों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन जहां 200 मीटर क्षेत्र में सुरक्षा दीवार नहीं बनी है, वहां से बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस हिस्से में भी सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में गांव की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि और कई मकान प्रभावित हो सकते हैं।
वहीं, स्थानीय निवासी मंगल चंद नेगी ने भी प्रशासन से इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ब्यास नदी में आने वाली बाढ़ के कारण पहले ही कई लोगों की जमीन और मकानों को नुकसान हो चुका है। ऐसे में बरसात से पहले नदी किनारे अधूरे पड़े प्रोटेक्शन कार्य को पूरा करना बेहद जरूरी है।ग्रामीणों ने उपायुक्त कुल्लू से मांग की है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द 200 मीटर क्षेत्र में आरसीसी सुरक्षा दीवार का निर्माण करवाया जाए, ताकि भविष्य में संभावित बाढ़ से गांव और लोगों की संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।
Chandrika
