हमीरपुर,अरविंद -:हमीरपुर जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी और सूखे मौसम ने जंगलों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। पिछले एक सप्ताह के भीतर जिले में वनाग्नि की 33 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें करीब 105 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है। आग ने न केवल सरकारी वन भूमि बल्कि निजी क्षेत्रों में मौजूद वन संपदा को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग के अनुसार कई स्थानों पर पेड़-पौधे, झाड़ियां और प्राकृतिक वनस्पति पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विभाग द्वारा लगभग 17 हेक्टेयर क्षेत्र में की गई पौधरोपण परियोजना भी आग की भेंट चढ़ गई। इससे लाखों रुपये की वन संपदा और पर्यावरणीय संसाधनों का नुकसान हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो जंगलों में आग लगने की घटनाएं और अधिक बढ़ सकती हैं।वन विभाग ने आग पर नियंत्रण पाने और जंगलों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में फायर वाचरों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी आगजनी की घटना की तुरंत जानकारी मिल सके। इसके अलावा विभाग ने एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जहां आम लोग भी जंगल में आग लगने की सूचना तुरंत दे सकते हैं।वन विभाग ने अपने कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही अवकाश दिया जाएगा। विभाग ने लोगों से जंगलों के आसपास सतर्कता बरतने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर जंगल में आग लगाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।डीएफओ हमीरपुर अंकित कुमार सिंह ने बताया कि विभाग पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जंगलों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
