शिमला -:भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि पालमपुर स्थित सीएसआईआर-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी) हिमालयी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह के आईएचबीटी दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान वैज्ञानिक अनुसंधान, जैविक उत्पादों और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों, युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर तैयार कर रहा है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विज्ञान और नवाचार आधारित विकास को प्राथमिकता दे रही है, जिसके परिणामस्वरूप आईएचबीटी जैसे संस्थान स्थानीय संसाधनों को रोजगार और आर्थिक प्रगति से जोड़ने में सफल हो रहे हैं। सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अनुसंधान और तकनीकी विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा हिमालयी राज्यों को भी इसका लाभ मिल रहा है।
कश्यप ने कहा कि आईएचबीटी द्वारा अरोमा मिशन, फ्लोरीकल्चर, औषधीय एवं सुगंधित पौधों के संवर्धन और कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। इसके साथ ही युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर भी मिल रहे हैं।उन्होंने संस्थान द्वारा किए गए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों का लाभ सीधे किसानों, उद्योगों और आम लोगों तक पहुंचेगा। यह “लैब टू लैंड” और “लैब टू मार्केट” की सोच को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कदम है।सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक और जैविक संसाधनों से समृद्ध राज्य है तथा वैज्ञानिक संस्थानों और उद्योगों के बीच बढ़ता सहयोग प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में आईएचबीटी हिमालयी क्षेत्र में अनुसंधान, कृषि नवाचार और उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
TAGGED:
Shimla MP Suresh kashyap
Chandrika
