कुल्लू, मनमींदर अरोड़ा -:देश में बदलती जीवनशैली और गलत खानपान के कारण तेजी से बढ़ रही बीमारियों को लेकर आरोग्य भारती ने चिंता जताई है। संस्था के अनुसार वर्तमान में देश के लगभग 83 प्रतिशत लोग आहार संबंधी विकारों और उनसे उत्पन्न होने वाली बीमारियों से प्रभावित हैं, जबकि मधुमेह रोगियों की संख्या 10 करोड़ से अधिक हो चुकी है। इसी विषय पर जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय ढालपुर स्थित अटल सदन में आरोग्य भारती द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी में आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि असंतुलित और गलत खानपान के कारण लोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के प्रभाव में लोग अपनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और स्वस्थ आहार संबंधी ज्ञान से दूर होते जा रहे हैं तथा दवाइयों पर निर्भरता बढ़ रही है। आरोग्य भारती का उद्देश्य लोगों को सही आहार और स्वस्थ दिनचर्या के प्रति जागरूक बनाना है ताकि वे बिना दवाओं के भी स्वस्थ जीवन जी सकें।वहीं, आरोग्य मित्र प्रशिक्षण प्रमुख एवं उत्तर क्षेत्र संयोजक संजीवन कुमार ने कहा कि पहले घरों में महिलाएं रसोई में उपलब्ध मसालों और घरेलू उपायों से कई सामान्य बीमारियों का उपचार कर लेती थीं, लेकिन नई पीढ़ी इस पारंपरिक ज्ञान से दूर होती जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोग्य भारती जल्द ही देशभर में ‘आरोग्य मित्रों’ की भर्ती करेगी, जो लोगों को संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली और पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान के प्रति जागरूक करेंगे। इस अभियान में महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी ताकि परिवार स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा मिल सके।
