संजू, शिमला। NEET पेपर लीक मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आत्महत्या करने वाले छात्रों की स्मृति में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा शिमला में कैंडल मार्च निकालने की अपील के बाद भाजपा ने इस पहल पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित कदम बताते हुए कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के कैंडल मार्च के आह्वान की आलोचना करते हुए कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि केंद्र सरकार NEET पेपर लीक मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून तैयार कर रही है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। जयराम ठाकुर ने लोगों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि संसद इस दिशा में प्रभावी कानून लाने की प्रक्रिया में है।
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कैंडल मार्च का उद्देश्य छात्रों को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करना है। डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है और जनता की भावनाओं का इस्तेमाल अपने हित में करना चाहती है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं के हालिया विरोध प्रदर्शनों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और अन्य राजनीतिक गतिविधियां केवल माहौल को भड़काने का प्रयास हैं। डॉ. बिंदल ने मुख्यमंत्री से राजनीतिक प्रदर्शन बंद कर जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दी।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदेश में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। एक ओर कांग्रेस इस मुद्दे पर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन कर रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करार दे रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
