हमीरपुर, अरविंद-:अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों में रिवैल्यूएशन फीस में की गई बढ़ोतरी का कड़ा विरोध करते हुए इसे छात्र विरोधी फैसला बताया है। परिषद ने मांग की है कि 300 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये की गई फीस को तत्काल वापस लिया जाए, क्योंकि इससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।हमीरपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला मीडिया संयोजक जतिन धीमान ने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से छात्र संघ चुनाव बंद हैं, जिन्हें जल्द बहाल किया जाना चाहिए ताकि छात्रों की समस्याओं का प्रभावी समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रिवैल्यूएशन फीस में यह सबसे बड़ी वृद्धि है और सरकार को इसे छात्र हित में वापस लेना चाहिए।
एबीवीपी ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अगस्त माह में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। संगठन के अनुसार 31 जुलाई को कॉलेज प्राचार्यों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन भेजा जाएगा। इसके बाद 5 अगस्त को जिलाधीश और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। 6 और 7 अगस्त को कॉलेजों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जबकि 12 और 13 अगस्त को सांकेतिक भूख हड़ताल की जाएगी। 14 से 17 अगस्त तक जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
नीट पेपर लीक मामले पर जतिन धीमान ने कहा कि परिषद शुरुआत से ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती रही है, लेकिन आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ हुई मारपीट और संसद घेराव जैसे घटनाक्रमों का संगठन समर्थन नहीं करता।विभाग संयोजक भवानी ने आरोप लगाया कि हमीरपुर तकनीकी विश्वविद्यालय में पिछले दो वर्षों से कुलपति का पद खाली है और संस्थान गेस्ट फैकल्टी के सहारे संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई कॉलेजों में शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परिषद ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
