शिमला, संजू-: शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर भाजपा ने प्रदेश सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में देरी करने के आरोप लगाए हैं। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक बलबीर वर्मा ने बुधवार को कहा कि सरकार चुनाव करवाने से बच रही है और इससे उसकी राजनीतिक स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।बलबीर वर्मा ने दावा किया कि भाजपा समर्थित 13 जिला परिषद सदस्य एकजुट हैं और कुछ अन्य सदस्य भी पार्टी के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास पर्याप्त समर्थन है तो उसे चुनाव प्रक्रिया में देरी नहीं करनी चाहिए। वर्मा ने सरकार से जल्द चुनाव तिथि घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे वास्तविक संख्या बल की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
बलबीर वर्मा ने आरोप लगाया कि चुनाव टालने के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं और प्रशासनिक स्तर पर भी दबाव बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थित सदस्य अपने रुख पर कायम हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव करवाने के पक्ष में हैं।वर्मा ने बताया कि इस मामले को लेकर भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्यों ने न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है। उनके अनुसार, अदालत में सरकार से जवाब मांगा गया है और आगामी सुनवाई में इस विषय पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुनाव समय पर होना जरूरी है और इसमें अनावश्यक देरी उचित नहीं मानी जा सकती।
भाजपा नेता ने कहा कि जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन निर्वाचित सदस्यों के मतदान से होना चाहिए, न कि राजनीतिक हस्तक्षेप से। उन्होंने सरकार से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने की अपील की।वर्मा ने कहा कि भाजपा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और पार्टी का मानना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से ही जनप्रतिनिधियों की वास्तविक इच्छा सामने आनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिमला जिला परिषद के चुनाव जल्द संपन्न होंगे और स्थिति स्पष्ट होगी।
