हमीरपुर/अरविंद -:सुजानपुर के सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट की ओर से 6 सितंबर को सुजानपुर सिविल अस्पताल में प्रस्तावित निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर को अस्पताल प्रशासन से अनुमति नहीं मिल पाई है। अनुमति रद्द होने के बाद ट्रस्ट के सदस्यों ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक राणा ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य का हवाला देकर शिविर को अनुमति नहीं दी गई, जबकि उनके अनुसार अस्पताल के जिस हिस्से में कैंप लगाया जाना था, वहां निर्माण कार्य नहीं हो रहा था।
अभिषेक राणा ने बताया कि ट्रस्ट ने 20 जुलाई को बीएमओ सुजानपुर के समक्ष शिविर के लिए अनुमति मांगी थी। प्रारंभ में उन्हें अस्पताल परिसर में स्थान उपलब्ध करवाने की बात कही गई, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी अनुमति नहीं मिली। इसके बाद बीएमओ से संपर्क करने पर बताया गया कि मामले में सीएमओ हमीरपुर से अनुमति मांगी गई है। सीएमओ कार्यालय की ओर से इस संबंध में निदेशक स्वास्थ्य सेवाओं को पत्र भेजा गया, जिसके बाद निर्णय लेने की जिम्मेदारी सीएमओ हमीरपुर को दी गई।बाद में बीएमओ को भेजे गए पत्र में अस्पताल परिसर में चल रहे निर्माण कार्य को अनुमति नहीं देने का कारण बताया गया। ट्रस्ट ने इस तर्क को अनुचित बताते हुए कहा कि शिविर में पीजीआई के विशेषज्ञ डॉक्टर लोगों की निशुल्क जांच करने वाले थे।अभिषेक राणा ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज के मरीजों के लिए ऐसे शिविर बड़ी राहत साबित होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में शिविर को रोककर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा से वंचित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट पिछले 25 वर्षों से जरूरतमंद लोगों की सेवा कर रहा है। ट्रस्ट ने क्षेत्र की जनता से सितंबर में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने का वादा किया था, लेकिन अनुमति न मिलने के कारण अब यह शिविर नहीं हो सकेगा।उल्लेखनीय है कि सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजानपुर के पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र राणा हैं। ऐसे में अनुमति रद्द होने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप भी लेता दिखाई दे रहा है। ट्रस्ट ने प्रशासन से पूरे मामले में पुनर्विचार की मांग की है।
