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Reading: चिंतपूर्णी मेले में आवारा पशुओं से बढ़ा खतरा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल
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Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > himachal > चिंतपूर्णी मेले में आवारा पशुओं से बढ़ा खतरा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल
himachalNews

चिंतपूर्णी मेले में आवारा पशुओं से बढ़ा खतरा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल

Chandrika
Chandrika 2 Min Read
Updated 2026/08/17 at 8:45 PM
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चिंतपूर्णी,विकास-: प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी में चल रहे मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की डबल लाइनें लग रही हैं, वहीं मुख्य बाजार और संपर्क मार्गों पर खुलेआम घूम रहे बेसहारा पशु सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में बैलों के घूमने से किसी भी समय अफरा-तफरी या भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है।मेले के चलते चिंतपूर्णी बाजार में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में अचानक पशुओं के भीड़ में घुसने से लोग घबराकर भाग सकते हैं। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से बाजार व मंदिर क्षेत्र के आसपास घूम रहे बेसहारा पशुओं को तत्काल हटाने की मांग की है।

पशुपालन विभाग ऊना के उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र पटियाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को रेस्क्यू करने और हटाने की प्राथमिक जिम्मेदारी स्थानीय निकायों, पंचायतों, नगर कमेटियों तथा संबंधित हाईवे अथॉरिटी की है। पशुपालन विभाग की भूमिका मुख्य रूप से पशुओं को प्राथमिक उपचार और आवश्यक ट्रीटमेंट उपलब्ध करवाने तक सीमित है।उन्होंने कहा कि विभाग के पास सड़कों से पशुओं को पकड़ने के लिए पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध नहीं है। स्थानीय पंचायत या निकाय यदि पशुओं को काबू करने और पकड़ने की व्यवस्था करें, तो विभाग के पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचकर आवश्यकतानुसार उन्हें बेहोश करने का इंजेक्शन दे सकते हैं। बिना स्थानीय स्तर पर सहयोग के पशुओं को सुरक्षित तरीके से पकड़ना मुश्किल है।मेले में बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित स्थानीय निकायों से मांग की जा रही है कि बाजार व मंदिर क्षेत्र में घूम रहे बेसहारा पशुओं को शीघ्र रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना की आशंका को समय रहते टाला जा सके।

TAGGED: Chintpurni Risk from stray animals
Chandrika August 17, 2026
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