Summer express/हमीरपुर,अरविंद- :हिमाचल प्रदेश में बढ़ते चिट्टा तस्करी के मामलों के बीच हमीरपुर पुलिस ने नशे के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई प्रमुख सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों की जांच को आगे बढ़ाते हुए पंजाब के जालंधर और आसपास के क्षेत्रों से चिट्टा सप्लाई करने वाले आरोपियों को दबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों को हमीरपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 19 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
हमीरपुर के एएसपी राजेश कुमार उपाध्याय ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने मामलों की जांच के दौरान आरोपियों के बैकवर्ड लिंक खंगाले। इसी जांच के आधार पर पंजाब में सक्रिय ड्रग सप्लायरों तक पुलिस पहुंची और उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि हिमाचल के किन-किन क्षेत्रों में चिट्टे की सप्लाई पहुंचाई जा रही थी और इस पूरे नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।एएसपी के मुताबिक पहले मामले में सदर थाना हमीरपुर की टीम ने 26 जुलाई को वडाला से गुरुदेव नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया और पंजाब के प्रमुख ड्रग सप्लायर बलजीत सिंह सहित उसके दो अन्य सहयोगियों तक पहुंच बनाई। बलजीत सिंह पहले से पंजाब पुलिस की हिरासत में था। हमीरपुर पुलिस ने उसे चिट्टे से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। कोर्ट ने आरोपियों को 19 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है। रिमांड के दौरान आरोपियों से नशे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी।
दूसरे मामले में भोरंज पुलिस ने जाहू क्षेत्र में नशे की सप्लाई के कथित मुख्य आरोपी संजय राइस उर्फ पौंटा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की गैरमौजूदगी में उसका नाबालिग बेटा भी कथित तौर पर इस गतिविधि को अंजाम देता था। हालांकि नाबालिग होने के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस पूरे मामले में अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है।वहीं तीसरे मामले में हमीरपुर शहर में चिट्टा सप्लाई करने के आरोप में विराज और अंकुश को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों खुद भी नशे के आदी रहे हैं और बाद में कथित तौर पर नशे की सप्लाई से जुड़ गए।एएसपी राजेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि चिट्टे के पूरे सप्लाई नेटवर्क को तोड़ना है। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्हें इन आरोपियों द्वारा नशे की आपूर्ति की गई। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
