हमीरपुर, अरविंद- :जिले के डिपो धारकों को लंबे समय से खराब चल रही पुरानी मशीनों और इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या से अब राहत मिलने की उम्मीद है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से हमीरपुर जिले के डिपो धारकों को नई ई-पॉस मशीनें वितरित की गईं। नई मशीनों में 4G नेटवर्क के साथ ड्यूल सिम की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, जिससे राशन वितरण के दौरान आने वाली नेटवर्क संबंधी दिक्कतों को कम करने का प्रयास किया गया है।मशीन वितरण कार्यक्रम के दौरान कंपनी की ओर से कोलकाता से पहुंचे विशेषज्ञों ने डिपो धारकों को नई मशीनों के संचालन, रखरखाव और तकनीकी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डिपो धारकों ने भी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पुरानी मशीनों के कारण सामने आने वाली समस्याओं को साझा किया और नई व्यवस्था में आवश्यक सुधारों को लेकर सुझाव दिए।
खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार हमीरपुर जिले में कुल 320 नई मशीनों का प्रावधान किया गया है। सभी डिपो धारकों को मशीनें उपलब्ध करवाने के साथ ही इनके सही इस्तेमाल और रखरखाव को लेकर प्रशिक्षण भी दिया गया है। विभाग की ओर से बताया गया कि नई मशीनें 4G नेटवर्क पर आधारित हैं और इनमें दो सिम की सुविधा होने के कारण अलग-अलग नेटवर्क के माध्यम से कनेक्टिविटी उपलब्ध रहने की संभावना है।जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी आंचल भंडारी ने बताया कि नई मशीनों के माध्यम से उपभोक्ताओं को राशन वितरण की प्रक्रिया को अधिक सुचारु बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में उपभोक्ताओं की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट, ओटीपी और फेस रीडिंग जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे राशन वितरण की प्रक्रिया को तकनीकी रूप से और व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
वहीं, प्रदेश डिपो संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि ने नई मशीनों का स्वागत करते हुए कंपनी के समक्ष डिपो धारकों की समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि पुरानी मशीनों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या के कारण कई बार राशन वितरण प्रभावित होता था और डिपो धारकों को अपने स्तर पर इंटरनेट का खर्च उठाना पड़ता था।
अशोक कवि ने नई कंपनी से मांग की कि डिपो धारकों को मशीनों के साथ इंटरनेट सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि नेटवर्क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो राशन वितरण में फिर से परेशानी सामने आ सकती है। इसके अलावा उन्होंने तकनीकी खराबी आने की स्थिति में कंपनी की ओर से निशुल्क मरम्मत सुविधा उपलब्ध करवाने तथा जिला स्तर पर तकनीकी इंजीनियर की नियुक्ति करने की मांग भी उठाई।नई मशीनों के वितरण के बाद अब विभाग और डिपो धारकों को उम्मीद है कि तकनीकी और नेटवर्क संबंधी समस्याएं कम होंगी तथा उपभोक्ताओं को राशन प्राप्त करने में पहले की अपेक्षा अधिक सुविधा मिलेगी।
