शिमला-: जिला शिमला में ग्रामीण विकास को नई गति देने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विकासात्मक कार्यों की समीक्षा तेज कर दी है।उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने शुक्रवार को चार विकास खंडों मशोबरा, जुब्बल, नारकंडा और बसंतपुर के खंड विकास अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाई जाए और उपलब्ध वित्तीय एवं अन्य संसाधनों का बेहतर समन्वय के साथ उपयोग किया जाए। उन्होंने सांसद निधि, विधायक निधि तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत उपलब्ध धनराशि का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य जनहित से जुड़े आधारभूत ढांचे के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पंचायत स्तर पर स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाना जरूरी है। हाल ही में निर्वाचित पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य उन्हें सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध करवाना है, ताकि वे अपने क्षेत्रों के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
पात्र लोगों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई पात्र लोग योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में पंचायत स्तर पर योजनाओं, पात्रता शर्तों और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में लोगों को जानकारी देना आवश्यक है।उन्होंने बताया कि विकास कार्यों की समीक्षा का पहला चरण चार विकास खंडों से शुरू किया गया है। आने वाले समय में अन्य अधिकारियों के साथ भी समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। जिला प्रशासन का लक्ष्य जिले की प्रत्येक पंचायत को उसकी स्थानीय आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करना है।
नई सामाजिक सुरक्षा योजना पर भी जोर
उपायुक्त ने ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के लिए पात्र लोगों की पहचान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में यह योजना 2 अक्टूबर, 2026 को शुरू की जाएगी। अधिकारियों से कहा गया कि पात्र परिवारों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के साथ उन्हें इससे जोड़ने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं।बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी विनय रुड़की सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
