हर साल बहाने बनाकर टाला जा रहा आयोजन, पुलिस ग्राउंड में उत्सव करवाने का सुझाव
हमीरपुर, अरविंद-: जिला मुख्यालय हमीरपुर में कभी धूमधाम से आयोजित होने वाला हमीर उत्सव पिछले करीब पांच वर्षों से बंद पड़ा है। उत्सव का आयोजन दोबारा शुरू न होने से शहरवासियों में रोष बढ़ने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल किसी न किसी कारण का हवाला देकर इस आयोजन को टाल दिया जाता है। इससे न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत प्रभावित हो रही है, बल्कि नई पीढ़ी भी अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से दूर होती जा रही है। लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन से जल्द हमीर उत्सव को दोबारा शुरू करने की मांग उठाई है।
हमीरपुर के गठन और ऐतिहासिक पहचान से जुड़े इस उत्सव का आयोजन पहले बाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मैदान में किया जाता था। हालांकि, न्यायालय की ओर से स्कूल मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक लगाए जाने के बाद उत्सव का आयोजन बंद हो गया। इसके बाद से प्रशासन की ओर से आयोजन के लिए कोई स्थायी वैकल्पिक स्थान तय नहीं किया जा सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश के छोटे-छोटे कस्बों में भी जिला और राज्य स्तरीय उत्सव नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं, लेकिन हमीरपुर के इस पारंपरिक उत्सव की लगातार अनदेखी होना चिंता का विषय है।दी हमीरपुर उपभोक्ता संरक्षण संगठन के मुख्य संरक्षक एडवोकेट सुशील शर्मा ने कहा कि पिछले करीब पांच वर्षों से हमीर उत्सव का आयोजन नहीं हुआ है। इससे सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का अवसर छिन रहा है और नई पीढ़ी भी अपनी संस्कृति को जानने से वंचित हो रही है। उन्होंने सरकार से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
वहीं, व्यापार मंडल हमीरपुर के प्रधान सुमित ठाकुर ने कहा कि करीब दो वर्ष पहले व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष उत्सव के आयोजन के लिए उपयुक्त मैदान उपलब्ध करवाने की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारी भी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उनके अनुसार, पुलिस ग्राउंड में हमीर उत्सव का आयोजन करवाया जा सकता है।बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट सुरेश ठाकुर ने कहा कि हमीर उत्सव को लेकर शहरवासियों में काफी उत्साह रहता था। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इसे दोबारा शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि शहर के नजदीक स्थित पुलिस ग्राउंड आयोजन के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द उपयुक्त स्थल निर्धारित कर हमीर उत्सव के आयोजन की प्रक्रिया शुरू करे, ताकि हमीरपुर की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को फिर से जीवंत किया जा सके।
