राहुल चावला, धर्मशाला: कांगड़ा जिला प्रशासन नशा निवारण मुहिम के तहत जिले में जनभागीदारी से भांग व अफीम की खेती को नष्ट करने के लिए एक महीने का महाअभियान चलाने जा रहा हैं। इस अभियान के पहले चरण की शुरुआत 27 मई को कांगड़ा जिले के छोटा भंगाल क्षेत्र से होगी। उन्होंने कहा कि नशा एक व्याप्त समस्या बनती जा रही हैं और इसके कई पहलू हैं।I
जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि इस महाअभियान की शुरुआत बड़ा भंगाल क्षेत्र से करने की बड़ी वजह वहां का मौसम है, जो इस प्रकार की खेती के लिए अनुकूल रहता हैं वहां इन पौधों की वृद्धि ज्यादा जल्दी होती है। ऐसे में शुरुआत में ही उन्हें उखाड़कर नष्ट करना कमोवेश आसान ओर युक्ति संगत हैं। उन्होंने कहा कि महाअभियान की शुरुआत से पूर्व 25 मई को छोटा भंगाल क्षेत्र में जन जागरूकता के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान नशा निवारण रैली, व्याख्यान समेत अन्य कार्यक्रमों के जरिए लोगों को महाभियान से जुड़ने को प्रोत्साहित किया जाएगा।
26 मई को क्षेत्र की सभी 7 पंचायतों में गठित नशा निवारण समितियों की बैठकें होंगी, जिनमें 27 से आरंभ हो रहे अभियान के लिए क्षेत्रवार संपूर्ण प्लान पर चर्चा होगी। इन बैठकों में क्षेत्र में नशे की समस्या ओर पंचायतवार भांग व अफीम की खेती के स्थलों की पहचान और उसके अनुरूप उन्हें नष्ट करने की योजना बनाई जाएगी। 27 मई को भांग उखाड़ो अभियान की विधिवत शुरुआत होगी।
डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि यह महाअभियान जिले में दो चरण में 27 मई से 25 जून तक चलेगा। इसमें पहले चरण में 27 मई से 10 जून तक मुलथान तहसील की 7 पंचायतों में जन सहयोग से भांग व अफीम के पौधों को उखाड़ने और नष्ट करने के लिए एकीकृत प्रयास किए जाएंगे। उसके उपरांत जिले के अन्य हिस्सों में 10 जून से यह अभियान चलेगा। 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर महाअभियान को दूसरा व अंतिम चरण संपन्न होगा।
