संजीव महाजन,नूरपूर: हिमाचल प्रदेश की पौंग झील में इस बार लाखों की संख्या में प्रवासी पक्षियों ने अपना डेरा डाला है इन प्रवासी पक्षियों में अलग-अलग प्रजातियों के हजारों पक्षी पौंग झील पहुंचे। पक्षियों की गणना के लिए पौंग झील में वार्षिक पक्षी गणना 2023 का आयोजन किया गया जिसके आधार पर यह पाया गया कि पौंग झील में 88 प्रजातियों के 1 लाख 17 हजार 22 परिंदे बाहरी देशों से यहां पर पहुंचे। इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले करीब छह हजार के करीब अधिक पक्षी पौंग झील पहुंचे।
यहां तक कि पौंग झील में विदेशों से आने वाले इन पक्षियों में एक नया पक्षी लंबी पूंछ वाली बतख भी देखी गई हैं। झील को 25 हिस्सों में बांटकर की गणना में साफ हुआ है कि सबसे ज्यादा 50 हजार परिंदे इस बार बार हेडेड गीज प्रजाति के पौंग झील पहुंचे हैं। ये परिंदे पर्यटकों में आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। पौंग झील में वार्षिक जल पक्षी गणना 2023 का आयोजन 30 और 31 जनवरी को किया गया। इसमें वन्य प्राणी विंग, वन विभाग, राज्य जैव विविधता बोर्ड, बीएनएचएस, डब्ल्यूआईआई के सदस्यों का सहयोग रहा।
पक्षियों की गिनती के लिए कुल 68 व्यक्तियों ने भाग लिया। इसमें पाया गया कि मतगणना अभ्यास के दौरान रिकॉर्ड किए गए पक्षियों में पौंग झील में इस बार साइबेरिया, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, अफ्रीका, अमेरिका सहित अन्य बाहरी देशों से ग्रेट क्रिस्टल ग्रेब, ग्रेट करमोरेंट, ग्रे हैरोन, बार हैडिड गूज, ब्राह्मणी शैलडक, कॉमनटील, नॉर्दर्न पिनटेल, कोमनकूट, ब्लैक हैडिड गल, ब्राउन हैडिड गल, यूरेशियन विजन, गॉडबैल प्रजाति की कुल संख्या 117022 है, जिसमें 88 प्रजातियां शामिल हैं।
कुल संख्या में से पानी पर निर्भर प्रवासी पक्षी 59 प्रजातियों के 105497 परिंदे हैं। पानी पर निर्भर लाकल 29 प्रजातियों के 10393 परिंदे हैं। अन्य 20 प्रजातियों के 1132 परिंदे हैं। इस दौरान यह भी देखा गया कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार एक नई प्रजाति लंबी पूंछ वाली बत्तख देखी गई। जो इस वर्ष बोटिंग प्वाइंट के पास नगरोटा सूरियां के साथ सुगनाड़ा क्षेत्र से रिपोर्ट हुई है। कुछ प्रमुख प्रजातियां यूरेशियन कूट (13035), उत्तरी पिंटेल (15784), कॉमन टील (6478) हैं। कॉमन पोचर्ड (8096), यूरेशियन विजन (1674) आदि परिंदे प्रमुख रहे। पक्षियों की कुल आबादी में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि देखी गई है।
वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर के डीएफओ रेजीनोड रॉयस्टोन ने कहा कि वन्य प्राणी विभाग की ओर से पौंग झील में पहुंचे पक्षियों की गणना की गई हैं। पौंग झील में वार्षिक जल पक्षी गणना 2023 का आयोजन 30 और 31 जनवरी को किया गया। इसमें वन्य प्राणी विंग, वन विभाग, राज्य जैव विविधता बोर्ड, बीएनएचएस, डब्ल्यूआईआई के सदस्यों का सहयोग रहा। प्रवासी पक्षियों की देखरेख के लिए टीमें लगाई गई हैं। अगर कोई प्रवासी पक्षियों का शिकार करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
