संजु चौधरी, शिमला: शनिवार को शिमला के आरकेएमवी में कॉलेज में छात्र गुटों के बीच हुई झड़प का मुद्दा अब तूल पकड़ रहा हैं। मामले में एबीवीपी छात्र संगठन की ओर से एसएफआई पर मारपीट का आरोप लगाया जा रहा हैं। इस झगड़े में एसएफआई और एबीवीपी की कार्यकर्ताओं को चोटें भी आई हैं और एबीवीपी दो छात्राओं की बाजू भी टूट गई हैं। वहीं एबीवीपी ने एसएसआई पर गुंडागर्दी के आरोप लगाए हैं और इनके खिलाफ रविवार को शिमला उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया हैं। एबीवीपी ने पुलिस प्रशासन से एसएफआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की हैं।
छात्र संगठन एबीवीपी के प्रांत मंत्री आकाश नेगी ने कहा कि कन्या महाविद्यालय में एसएफआई के गुंडों की ओर से एबीवीपी की कार्यकर्ताओं पर रोड डंडो और पत्थरों से हमला किया गया जिसमें कई छात्राएं घायल हुई हैं। महाविद्यालय में एसएफआई के कार्यकर्ता पहुंचे थे, जबकि कन्या महाविद्यालय में लड़कों के जाने पर मनाई हैं, लेकिन एसएफआई के कई कार्यकर्ताओं की ओर से शराब पी कर महाविद्यालय में जाकर लड़कियों पर हमला किया गया जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस को लेकर पुलिस चौकी लक्कड़बाजार में शिकायत दे दी है और चार एसएफआई के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया गया हैं। उन्होंने कहा कि यदि एसएफआई की गुंडागर्दी पर लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में एबीवीपी उग्र प्रदर्शन करने से भी परहेज़ नहीं करेगी।
घायल हुई छात्राओं ने कहा कि वह महाविद्यालय के बाहर मोमोज खाने आए थे और इस दौरान एसएफआई के लड़कों की ओर से उन पर गंदे कमेंट किए जा रहे थे। जब विरोध किया गया तो उनके फोन छीन लिए गए जिसके बाद एसएफआई के लोगों ने उन पर रोड और डंडों से हमला किया जिसमें कई छात्राओं को गंभीर चोटे आई हैं। यहां तक की बाजू भी टूट गई है और प्लास्टर लगाया गया हैं।
