सुभाष चंद , घुमारवीं, । आगामी मानसून सीजन के मद्देनजर उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) गौरव चौधरी की अध्यक्षता में शनिवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा पूर्व तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को उपमंडल के सभी भूस्खलन संभावित (स्लाइडिंग) क्षेत्रों और अन्य हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग को सभी आवश्यक मशीनरी और उपकरण पूरी तरह क्रियाशील रखने तथा सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा।
नगर परिषद घुमारवीं को शहर की सभी नालियों एवं जल निकासी व्यवस्था की व्यापक सफाई कराने के निर्देश दिए गए ताकि वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। इसके साथ ही नगर परिषद को स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाकर समय-समय पर फॉगिंग करवाने के भी निर्देश दिए गए, जिससे बरसात के मौसम में फैलने वाले मच्छरजनित रोगों की रोकथाम की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए एसडीएम ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में संक्रामक बीमारी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी असामान्य स्थिति सामने आती है तो उसकी सूचना तुरंत एसडीएम कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने आम लोगों से भी बरसात के मौसम में केवल उबला हुआ अथवा स्वच्छ पेयजल ही उपयोग करने की अपील की।
जल शक्ति विभाग को पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने, जल भंडारण व्यवस्था को सुरक्षित रखने तथा आवश्यकतानुसार ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बिजली विभाग को विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने, बिजली की लाइनों के आसपास पेड़ों की समय पर कटाई-छंटाई करने तथा आपातकालीन स्थिति में शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया।
एसडीएम ने पुलिस, होमगार्ड एवं अग्निशमन विभाग को मानसून के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने, उपलब्ध मशीनरी और मानव संसाधन को तैयार रखने तथा नदी-नालों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए लोग इनके समीप जाने से बचें।
बैठक में एसडीएम गौरव चौधरी ने कहा कि मानसून के दौरान सर्पदंश (स्नेक बाइट) के मामलों में वृद्धि की संभावना रहती है। ऐसी स्थिति में लोग किसी भी प्रकार के झोलाछाप या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचें। उन्होंने बताया कि सर्पदंश के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयां सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध हैं।
उन्होंने आम जनता से यह भी अपील की कि यदि कहीं कोई पेड़ गिरने की स्थिति में हो या किसी अन्य कारण से जन-धन की हानि की आशंका हो तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
एसडीएम ने बताया कि मानसून के दौरान किसी भी प्राकृतिक आपदा अथवा आपात स्थिति में लोग 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 01978-255227 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
बैठक के अंत में एसडीएम गौरव चौधरी ने सभी विभागों को मानसून के दौरान सतर्कता, त्वरित कार्रवाई तथा बेहतर आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम रखा जा सके।
