Kangra, Sanjeev-:कांगड़ा जिले के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन और सरकार ने अब सख्त और निर्णायक रुख अपना लिया है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों और पर्यावरण को हो रहे गंभीर नुकसान को देखते हुए कार्रवाई तेज कर दी गई है। अपनी निजी जमीनों पर अवैध खनन करवाने वाले 9 परिवारों को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई को लेकर फतेहपुर के विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष (केबिनेट रैंक) भवानी सिंह पठानिया ने साफ किया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
एसडीएम फतेहपुर की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद अब अगली कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग और खनन विभाग की संयुक्त टीम जल्द ही मौके पर पहुंचकर सर्वे करेगी।संयुक्त सर्वे के दौरान यह आकलन किया जाएगा कि संबंधित जमीनों से कितनी मात्रा में अवैध खनन सामग्री निकाली गई है और इससे सरकारी संपत्ति व पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचा है।
उपाध्यक्ष, राज्य योजना बोर्ड एवं विधायक, फतेहपुर
“यह कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित नहीं रहेगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों के तहत दोषियों पर 15–20 लाख रुपये से लेकर 2 से ढाई करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।”
विधायक भवानी सिंह पठानिया ने बताया कि फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के मंड इलाके से गुजरने वाली ब्यास नदी में अवैध खनन के कारण हर साल बरसात और पौंग बांध से पानी छोड़े जाने के दौरान गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। अवैध खनन से नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान की आशंका बनी रहती है।अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए जिला दंडाधिकारी कांगड़ा हेमराज बैरवा (IAS) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत ब्यास नदी क्षेत्र में सख्त प्रतिबंध लागू किए हैं।
उपाध्यक्ष, राज्य योजना बोर्ड एवं विधायक, फतेहपुर
“ब्यास नदी क्षेत्र में अवैध खनन से पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा है। इसी को देखते हुए धारा 163 लागू की गई है। समयबद्ध प्रतिबंध और सख्त निगरानी के जरिए अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।”आदेशों के अनुसार ब्यास नदी सहित रें, टटवाली और रियाली पंचायत क्षेत्रों में समयबद्ध खनन की अनुमति दी गई है, जबकि नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई तय की गई है।फतेहपुर में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की इस सख्ती से पर्यावरण संरक्षण और जन सुरक्षा को लेकर बड़ी राहत की उम्मीद जताई जा रही है।
