हमीरपुर, अरविंद — अवैध खनन से जुड़े मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुमन भारती ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस मामले में केवल वर्तमान स्थिति ही नहीं, बल्कि प्राथमिकी दर्ज होने से पहले संबंधित भूमि या संपत्ति का मालिकाना हक किसके पास था, इसकी भी गहन जांच की जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन परिस्थितियों में बाद में इस संपत्ति को अन्य लोगों के नाम स्थानांतरित किया गया।
पत्रकार वार्ता के दौरान सुमन भारती ने विधायक आशीष शर्मा द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई की गई है और इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है।भारती ने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में विधायक के परिवार के कुछ सदस्य भी जांच के दायरे में आए हैं, जो दर्शाता है कि कानून सभी के लिए समान है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक द्वारा अपने परिजनों के खिलाफ कार्रवाई को राजनीतिक रंग देना भ्रामक है।जिलाध्यक्ष ने बताया कि संबंधित आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है, जबकि इससे पहले उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र है और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती।सुमन भारती ने विधायक के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और जो लोग नियमों की अनदेखी करते हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना ही पड़ता है।
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Chandrika
