Shimla,27 April(TSN)-जिला शिमला के ग्रामीण उपमंडल के पाहल गांव निवासी दुर्गा दत्त कश्यप ने प्राकृतिक खेती के जरिए आत्मनिर्भरता का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।डीडी कश्यप आज लगभग 116 किस्म की खाद्य फसलें उगा रहे हैं,जिससे घर की अधिकतर आवश्यकताएं पूरी हो रही हैं।
डीडी कश्यप का कहना है कि अब वह सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर निर्भर नहीं हैं।उनके अनुसार,”रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं अब मुझे अपनी ही भूमि से प्राप्त हो जाती हैं।”
2015 में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड से उप-मंडलीय अधिकारी पद से सेवानिवृत्त होने के बाद,कश्यप ने अपनी पुश्तैनी भूमि को पुनः उपजाऊ बनाने का संकल्प लिया। 2015 से 2024 तक उन्होंने वाप्कोस (भारत सरकार की नवरत्न कंपनी) में सलाहकार अभियंता के रूप में भी सेवाएं दीं।
प्राकृतिक खेती से जुड़ने के अपने निर्णय के बारे में वह कहते हैं,”आज बाजार में मिलने वाले फल और सब्जियों में रसायनों का अत्यधिक उपयोग होता है,जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है। इससे मुक्ति पाने के लिए मैंने प्राकृतिक खेती को अपनाया।”
कठिन जमीन को उपजाऊ बनाने का सफर
डीडी कश्यप की भूमि 60 प्रतिशत मिट्टी और 40 प्रतिशत पत्थरों से युक्त थी।उन्होंने गाय के गोबर तथा जंगलों-नालों से लाकर पत्तियां डालकर भूमि की उर्वरता बढ़ाई।आज उनकी फसल उत्पादन क्षमता 2015 के मुकाबले दस गुना बढ़ गई है।
डीडी कश्यप की प्राकृतिक खेती: एक झलक
फल: आम, सेब, अमरूद, आडू, किन्नू, मौसमी, कीवी, अनार, अखरोट आदि।
औषधीय पौधे: अश्वगंधा, आंवला, मोरिंगा, तुलसी, इंसुलिन प्लांट आदि।
बैरी: रास्पबेरी, स्ट्रॉबेरी।
अनाज: मक्का, गेहूं, जौ, ओगल आदि।
दालें: अरहर, रौंगी, राजमाह आदि।
तिलहन: तिल, सूरजमुखी, सरसों।
मसाले: धनिया, मेथी, अजवाइन, अदरक, लहसुन आदि।
सब्जियां: लौकी, टमाटर, गोभी, पालक, गाजर, आलू आदि।
फूल: गुलाब, गेंदा, गुलदाउदी।
भविष्य की योजना: सफेद चंदन का बागान
डीडी कश्यप ने सफेद चंदन के 20–25 पौधे लगाए हैं और 200 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार,इन पौधों की अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये होगी,जिसे वह अपनी अगली पीढ़ियों के लिए ‘फिक्स्ड डिपॉजिट’ मानते हैं।
सरकारी योजनाओं से मिली सहायता
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए डीडी कश्यप को विभिन्न सरकारी योजनाओं से वित्तीय सहायता मिली:
गाय की खरीद के लिए 8,000 रुपये
गौ सदन निर्माण व गौमूत्र संग्रह के लिए 8,000 रुपये
कृषि उत्पाद भंडारण हेतु 12,000 रुपये
मनरेगा के अंतर्गत भूमि विकास हेतु 47,000 रुपये
कश्यप ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे प्राकृतिक खेती का कार्य सरल हुआ।
सम्मान और प्रेरणा का स्रोत
बनूटी में आयोजित जिला स्तरीय किसान मेले में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा डीडी कश्यप को प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।डीडी कश्यप ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि किसानों के बीच प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रेरणा सम्मेलन आयोजित किए जाएं ताकि अन्य किसान भी रसायनों के दुष्प्रभाव से मुक्त होकर बेहतर आय अर्जित कर सकें।
