बिलासपुर : सुभाष ठाकुर -भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के बाद अब हिमाचल प्रदेश कार्यसमिति की बैठक काफी अहम होगी। चार व पांच फरवरी को ऊना में होने जा रही इस मीटिंग में विधानसभा चुनाव में लक्ष्य से चूक पर चिंतन करने के अलावा आगे की भूमिका का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही सरकार के जनविरोधी निर्णयों का पुरजोर विरोध किया जाएगा और जहां सहयोग की जरूरत होगी वहां पर सहयोग करेंगे।यह बात बीजेपी के राज्य अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने विशेष बातचीत में कही।
आगामी लोकसभा चुनाव पर अब फोक्स
सुरेश कश्यप ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश कार्यसमिति की यह पहली बैठक होने जा रही है। हालांकि चुनाव में जिस लक्ष्य के साथ चले उसमें कामयाबी नहीं मिल पाई। इस पर मंथन किया जाएगा और अगली कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव को पार्टी ने रोडमैप तैयार कर कार्य भी शुरू कर दिया है। इस कड़ी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया का मंडी जिला में दो दिन का प्रवास रहा और आगे भी संसदीय क्षेत्रवार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी योजनावद्ध ढंग से काम करेगी और मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी।
राज्य की कांग्रेस सरकार निशाने पर
सुरेश कश्यप ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार जब से सत्ता में आई है तब से जनविरोधी निर्णय ले रही है। आते ही डीजल पर तीन रूपए वैट बढ़ाकर जनता पर बोझ डाल दिया, जबकि नौ रूपए सरसों के तेल पर बढ़ाए हैं। ऐसे में महंगाई को लेकर कभी हो हल्ला करने वाली कांग्रेस आज खुद महंगाई का बोझ जनता पर डाल रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही दस दिन के अंदर ओपीएस बहाल करने का दावा किया था। घोषणा जरूर कर दी है लेकिन 45 दिन बाद भी नोटिफिकेशन जारी नहीं की जा सकी है। यही हाल महिलाओं को हर माह 1500 रूपए देने के वायदे का है। उन्होंने कहा कि राज्य में 32 लाख महिलाएं हैं लेकिन सरकार 8 लाख महिलाओं को ही यह आर्थिक सहायता राशि देने का दम भर रही है। उसके लिए भी क्राईटेरिया तय करने के दावे वादे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार के सुर बदलने शुरू हो गए हैं और वायदे से मुकर रहे हैं। भाजपा इस पर कांग्रेस सरकार की जमकर घेरेबंदी करेगी।
