शिमला, संजू -:शिमला स्थित कमला नेहरू अस्पताल (KNH) को आईजीएमसी परिसर में स्थानांतरित करने के प्रदेश सरकार के फैसले पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा ने अदालत के इस फैसले को जनभावनाओं की जीत बताते हुए कांग्रेस सरकार पर महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
भाजपा मीडिया संयोजक करण नंदा ने कहा कि अदालत की टिप्पणी यह दिखाती है कि सरकार ने बिना पर्याप्त योजना और जनहित को ध्यान में रखे यह निर्णय लिया था। उनके अनुसार कमला नेहरू अस्पताल प्रदेश की महिलाओं, गर्भवती माताओं और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है, इसलिए इसे जल्दबाजी में शिफ्ट करना उचित नहीं था।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने शुरुआत से ही इस निर्णय का विरोध किया और इसे जनता की सुविधाओं से जुड़ा गंभीर विषय माना। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए तथा राज्यपाल से मिलकर मामले में हस्तक्षेप की मांग भी उठाई थी।करण नंदा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों, स्थानीय नागरिकों और महिला संगठनों की राय को नजरअंदाज किया। उनका कहना है कि सरकार को पहले व्यापक चर्चा करनी चाहिए थी, ताकि महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।भाजपा ने मांग की है कि सरकार अस्पताल को शिफ्ट करने के फैसले पर पुनर्विचार करे और कमला नेहरू अस्पताल की मौजूदा सुविधाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाए। पार्टी ने कहा कि महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Chandrika
