संजीव महाजन,नूरपुर: अच्छी शिक्षा और परिश्रम जीवन का सबसे बड़ा आधार हैं। इससे जहां समाज में विशेष पहचान मिलती हैं, वहीं ऊंची उड़ान का सपना भी साकार होता हैं। यह बात ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरसर के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने स्कूल प्रबंधन को वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से विद्यार्थियों ओर स्कूल प्रबंधन को वर्षभर के दौरान अर्जित उपलब्धियों को दर्शाने का विशेष अवसर प्राप्त होता हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापक राष्ट्र के निर्माता हैं ओर उनका बच्चों के जीवन को संवारने में विशेष योगदान रहता हैं। उन्होंने अध्यापकों से कहा कि वे लग्न, ईमानदारी और मेहनत से कार्य करें ओर बच्चों में मेहनत, अनुशासन और विश्वास की भावना पैदा करें ताकि वे जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल कर सकें।
उन्होंने प्रदेश के सरकारी शिक्षण संस्थानों में बच्चों की संख्या को बढ़ाने के लिए सभी अध्यापकों को स्कूलों में अनुशासन की उच्च परंपराओं को बनाने के साथ बच्चों ओर अभिभावकों के भीतर विश्वास की भावना पैदा करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय सूचना प्रौद्योगिकी का युग है जिस कारण शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने सभी अध्यापकों से अपने आप को अपडेट करने का आह्वान किया ताकि उसका लाभ अध्ययनरत बच्चों को मिल सके।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है लेकिन जहां ऐसी प्रतिभाओं को निखारने की जिम्मेवारी अध्यापकों पर है वहीं कमजोर बच्चों की पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए उनके प्रति सोच बदलकर उन्हें आगे लाने के प्रयास करने का भी आह्वान किया। उन्होंने अध्यापकों से ऐसे बच्चों के लिए स्कूलों में अतिरिक्त समय देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने सभी स्कूल प्रमुखों से बच्चों की त्रैमासिक स्कूल रिपोर्ट नियमित अभिभावकों को भेजने की व्यवस्था बनाने के भी निर्देश दिए, ताकि अभिभावकों को बच्चों की स्कूल गतिविधियों का समय-समय पर ब्यौरा मिलता रहे। उन्होंने अभिभावकों ओर अध्यापकों से भी बच्चों की बेहतरी के लिए आपसी तालमेल बढ़ाने की अपील की। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे संघर्ष, परिश्रम एवं लग्न को अपना साथी बनाएं। उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन मे कोई भी ऊंचा मुकाम हासिल करने के साथ अपने परिवार, समाज ओर शिक्षकों की ओर से सिखाए गए नैतिक मूल्यों का अनुसरण जरूर करें। उन्होंने बच्चों को नशे से दूर रहने ओर इस कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए समाज के सभी वर्गों से आगे आने का आह्वान किया।
कृषि मंत्री ने इससे पहले, जम्मू -कश्मीर के लद्दाख में हेलीकॉप्टर हादसे में 4 जुलाई, 2000 को शहीद हुए असिस्टेंट कमांडेंट पवन चौधरी की स्मृति में स्कूल परिसर में स्थापित स्मारक में उनकी प्रतिमा पर नमन करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। वहीं उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को 15 हजार रुपए देने की घोषणा की, जबकि स्कूल में चारदीवारी और साइंस ब्लॉक व हाल बनाने के लिए शीघ्र आंकलन रिपोर्ट तैयार करने के अधिकारियों को निर्देश दिए, ताकि धन की व्यवस्था की जा सके। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने ओर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
