नूरपुर, संजीव महाजन-: वी.वी.एम. इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, मलकवाल में संस्कृतभारती की ओर से आयोजित अखिल भारतीय गोष्ठी का भव्य शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने किया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल, संस्कृतभारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष रमेश कुमार पाण्डेय तथा अखिल भारतीय संगठन मंत्री सत्यनारायण भट्ट विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके पश्चात संस्कृतभारती के ध्येय मंत्र का सामूहिक उच्चारण किया गया। स्वागत समिति के अध्यक्ष राकेश पठानिया और संस्कृतभारती हिमाचल प्रदेश के प्रांत अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया तथा गोष्ठी के उद्देश्यों से अवगत करवाया।
इस दौरान संस्कृतभारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष रमेश कुमार पाण्डेय ने गोष्ठी की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए संस्कृत भाषा के महत्व, उसकी प्रासंगिकता और भारतीय समाज में उसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने संस्कृत को भारतीय ज्ञान, साहित्य और संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर बताया।अपने अध्यक्षीय संबोधन में केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारत के दर्शन, साहित्य और वैज्ञानिक चिंतन का समृद्ध आधार है।
मुख्य अतिथि राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कृत भाषा भारत की आत्मा, सभ्यता, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल आधार है। इस भाषा ने सदियों से पीढ़ियों को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं। साथ ही उन्होंने समाज और राष्ट्र निर्माण में बौद्धिक विमर्श की भूमिका की सराहना की।
