अनिल कुमार, किन्नौर: वर्तमान प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश सहित जनजातीय जिलों में शिक्षा के क्षेत्र में व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रही हैं, ताकि विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर उत्कृष्ट बनें व देश सहित प्रदेश का नाम रोशन करें। विद्यार्थियों को अक्षर का ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ जीवन जीने का ज्ञान देना भी आवश्यक है ताकि वह समाज के प्रति एक जिम्मेदान नागरिक बन सकें। यह बात राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने मंगलवार को किन्नौर जिला के आई.टी.डी.पी भवन में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रिकांगपिओ की ओर से आयोजित वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह के दौरान अपने संबोधन में कही।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने पहले ही बजट में शिक्षा में सुधार एवं आवश्यक अधोसरंचना का विस्तार करने के दृष्टिगत अहम कदम उठाए गए हैं जिसके तहत गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए आवश्यक पुस्तकों सहित पुस्तकालयों का निर्माण व नेशनल लाईब्रेरी का एक्सेस भी उपलब्ध करवाया जाएगा।
जनजातीय मंत्री ने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए यह आवश्यक है कि अध्यापक रूचि लेकर विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में कार्य करें तभी विद्यार्थी उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। जिसका उद्धारण है राजकीय प्राथमिक पाठशाला काफनू में विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जो जिला ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश के लिए एक उत्कृष्ट माॅडल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने ओर सूचना संचार प्रोद्यौगिकी उपयोग करने के लिए प्रत्येक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में लाईब्रेरी की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा 10 हजार मेधावी छात्रों को टेबलेट, 762 स्कूलों में आईसीटी योजना के तहत डिजिटल हार्डवेयर तथा साॅफटवेयर की व्यवस्था की जाएगी। स्पोटर्स होस्टल में रह रहे विद्यार्थियों की डाईट मनी को बढ़ाकर 240 रुपये प्रतिदिन किया जाएगा।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रिकांग पिओ के अध्यापकों को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उनकी प्रशंसा की ओर भविष्य में भी इसी प्रकार से विद्यार्थियों को उत्तम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में उत्तम कार्य करने के लिए उत्कृष्ट प्राध्यापक व अध्यापकों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षा व अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
