बिलासपुर : सुभाष ठाकुर- घुमारवीं शहर की सीर खड्ड की तलहटी पर सरकार द्वारा बनाया गया अंबेडकर भवन अनदेखी का शिकार है। भवन की दुर्दशा इतनी भयावह है कि यहां पर सांस लेना भी दूभर है। जर्जर हालात में यह भवन कभी भी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है। अंबेडकर भवन के साथ प्रशासन द्वारा फेंके गए कूड़े और गंदगी के ढेर यहां के वातावरण को दूषित कर रहे हैं।
अंबेडकर भवन की हालत को सुधारने के लिए हालांकि अनुसूचित जाति जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने स्थानीय विधायक राजेश धर्माणी से भेंट की है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक हल की किरण नजर नहीं आई है। इस भवन के चारों ओर खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं। छत से पंखे गायब हो चुके हैं। भवन के भीतर बिजली की वायरिंग टूट चुकी है। जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
इस बारे में मिशन अंबेडकर पे-बैक सोसायटी बिलासपुर के चेयरमैन राजेंद्र भाटिया ने कहा कि जब यहां पर कोई बैठक का आयोजन करना होता है तो पहले घंटो सफाई करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे का सारा बारिश का गंदा पानी भवन पर आता है, जिससे इस भवन की नींव कमजोर हो चुकी है। पानी का सही चैनलाइज न होने के कारण यहां पानी खड़ा रहता है ,जिससे मच्छर मक्खियों का पनपना स्वाभाविक है। चारों ओर फैली बदबू से यहां पर बैठना तक मुश्किल हो जाता है। उन्होंने सरकार से इन भवनों के उचित रखरखाव की मांग करते हुए कहा है कि यदि सरकार और तंत्र इन भवनों का रखरखाव करने में असमर्थ है तो इनकी जिम्मेवारी बाबा साहेब के संगठनों को सौंप दी जाए।
