हमीरपुर (अरविंदर सिंह): हिमाचल प्रदेश एचआरटीसी पेंशनर अपनी मांगे पूरी ना होने का विरोध जता रहे हैं। सरकार की ओर से मांगें पूरी ना किए जाने के चलते पेंशनरों में सरकार के प्रति भी काफी रोष है। पेंशनरों ने अब सरकार को मांगें पूरा करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। इस तय समयावधि में अगर मांगें पूरी नहीं होती है तो पेंशनर एचआरटीसी मुख्यालय का घेराव करने के साथ ही सचिवालय का भी घेराव करेंगे। यह फैसला आज हमीरपुर के एनजीओ भवन में आयोजित हिमाचल प्रदेश एचआरटीसी पेंशनर कल्याण संगठन की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में लिया गया है।
बैठक की अध्यक्षता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष केसी चौहान ने की। बैठक में एचआरटीसी प्रबंधन व प्रदेश सरकार के साथ हुई बैठक में मानी गई विभिन्न मांगों को आज तक पूरा न किए जाने पर रोष व्यक्त किया गया साथ ही लीव एनकैशमेंट भुगतान छठे वेतन आयोग के लाभ अगर नहीं दिए जाते हैं तो संघर्ष का रास्ता अपनाए जाने का निर्णय लिया गया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष केसी चौहान ने बताया कि परिवहन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्टरी के साथ अक्टूबर 2021 में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे जिसे आज तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि किन लोगों के इशारों पर फैसलों को अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा है यह चिंताजनक है।
चौहान ने शिमला में हुए सचिवालय घेराव के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जून माह में हुए इस प्रकरण के दौरान पेंशनर्स के खिलाफ कई मामले भी दर्ज किए थे जोकि दुर्भाग्यपूर्ण था। उन्होंने कहा कि सरकार की हुई बैठक में पेंशनरों पर लगाई गई विभिन्न धाराओं को हटाने की बात भी हुई थी लेकिन आज तक उस पर भी कोई काम नहीं हुआ है। चौहान ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार आगामी 15 दिनों के भीतर पेंशनरों की लंबित मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश एचआरटीसी पेंशनर संगठन परिवहन विभाग के मुख्यालय के अलावा सचिवालय का घेराव करने से भी गुरेज नहीं करेगा।
