ऊना | हिमाचल प्रदेश सरकार की पहल पर ऊना जिले में चिट्टे और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ विशेष जागरूकता मुहिम का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत आरएसएस के 300 वॉलंटियर सड़कों पर उतरे और रैली के माध्यम से नागरिकों को नशे के दुष्प्रभाव और इसके सामाजिक व व्यक्तिगत नुकसान के बारे में बताया।
इस मुहिम में 150 लड़के और 150 लड़कियां शामिल थे। उन्होंने ऊना शहर के विभिन्न मार्गों से होकर रैली निकाली और स्लोगन, नारों और पम्पलेट्स के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। वॉलंटियरों ने बताया कि नशे के दुष्प्रभाव न केवल स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि परिवार और समाज पर भी गहरा असर डालते हैं।
बॉयज स्कूल ऊना के प्रिंसिपल सुरिंदर कौडल ने जानकारी दी कि यह रैली हिमाचल सरकार द्वारा चलाई गई नशे विरोधी मुहिम का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि स्कूल और कॉलेजों के छात्रों को इस अभियान में शामिल करना बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका है।
रैली में छात्रों ने “नशा नहीं, जीवन है जीने का” जैसे स्लोगन के जरिए नागरिकों को नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा दी। इसके साथ ही छात्रों ने नशे से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरे, अपराध में वृद्धि और परिवार पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी जोर दिया।
प्रिंसिपल सुरिंदर कौडल ने कहा, “सरकार की इस मुहिम में बच्चों की भागीदारी समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। हमें उम्मीद है कि युवा शक्ति के प्रयासों से ऊना में नशे की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।” रैली ने पूरे शहर में एक संदेश फैलाया कि नशा समाज और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और इसे खत्म करने के लिए हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी।
