बिलासपुर | भानूपल्ली–बैरी रेलवे लाइन के अंतर्गत बन रही टनल नंबर-17 के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का आंदोलन लगातार जारी है। कड़कड़ाती ठंड और कठिन परिस्थितियों के बावजूद महिलाओं का हौसला कम नहीं हुआ है। शनिवार को धरना 205वें दिन में प्रवेश कर गया, जबकि क्रमिक भूख हड़ताल 182 दिनों से जारी है।
धरने पर बैठीं महिलाओं में कौशल्या देवी, रेखा देवी, बंटी देवी, केसरी देवी, मीना देवी और युवा रिशु कुमार शामिल रहे। उन्होंने कहा कि छह महीने से अधिक समय तक सड़क किनारे बैठकर अपने हक की लड़ाई लड़ना आसान नहीं है, लेकिन प्रशासन और कंपनी प्रबंधन द्वारा अब तक केवल आश्वासन दिए गए हैं, वास्तविक समाधान नहीं मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि टनल निर्माण के कारण उनके घरों में दरारें पड़ गई हैं और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। शुरुआत में अधिकारियों ने राहत और मुआवजे का भरोसा दिया था, लेकिन लंबी अवधि के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।
धरने में शामिल महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ठंड, बारिश और कठिन परिस्थितियों के बावजूद वे अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगी। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह आंदोलन उनके घरों और जीवन को बचाने के लिए आवश्यक है और वे हर हाल में न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रखेंगे।
